अगर चीन निशना, तो भारत-जापान रक्षा संबंध शर्मनाक : चीन

बीजिंग। चीन ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण चीन सागर विवाद पर बीजिंग पर दबाव बनाने के लिए जापान अगर कम कीमत पर भारत को तलाशी व बचाव विमान बेचता है, तो यह ‘शर्मनाक’ होगा। बीजिंग की यह कड़ी प्रतिक्रिया तब सामने आई है, जब मीडिया में खबरें आई हैं कि जापान शिन्मायवा यूएस-2 को भारत को कम कीमत पर बेच सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह बात मेरे संज्ञान में आई है। हमें देशों के बीच रक्षा सहयोग सहित सामान्य सहयोग पर कोई आपत्ति नहीं है।”उन्होंने कहा, “लेकिन अगर यह रिपोर्ट सही है कि यदि कोई अनैतिकता बरत रहा है, तो यह बेहद शर्मनाक है।”

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हुआ ने हालांकि स्पष्ट किया कि जहां तक सहयोग की बात है, तो बीजिंग को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वह सामान्य हो। उन्होंने कहा, “लेकिन खबरों के मुताबिक, जापान दक्षिण चीन सागर विवाद पर चीन पर दबाव बनाने के लिए भारत को हथियारों की बिक्री में कीमतों में कमी कर रहा है और यह चीन को निशाना बनाने का प्रयास है। अगर खबर सही है, तो हम नहीं सोचते कि इस तरह के सहयोग का उद्देश्य पवित्र है।” भारत व जापान के प्रगाढ़ होते संबंधों को लेकर चीन चिंतित है, क्योंकि दोनों देशों ने चीन को अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले का सम्मान करने को कहा है। हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने दक्षिण चीन सागर पर चीन के ऐतिहासिक दावे को खारिज कर दिया, जबकि चीन ने इस फैसले को माने से इनकार कर दिया है।