धौलपुर उप चुनाव में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, हुई 80 फीसदी वोटिंग

धौलपुर। धौलपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उप चुनाव में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से रविवार को संपन्न हुए। मतदान के साथ ही जनपद में भाजपा की शोभारानी कुशवाहा और कांग्रेस प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा समेत 15 प्रत्याशी आपस में भिड़े। धौलपुर विधान सभा सीट पर करीब 80 फीसदी मतदाताओं ने वोट डालकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के दौरान पुलिस, आरएसी तथा अर्द्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाला। रविवार सुबह सात बजे शुरू हुए मतदान के आरंभ में गति काफी धीमी थी।

शुरुआत में कुछ मतदान केन्द्रों से ईवीएम तथा वीवीपेट मशीनों में माकपोल के कारण मतदान शुरू होने में देरी की खबर आईं। लेकिन दिन चढने के साथ ही मतदान में तेजी आती गई और लोगों ने अपने घरों से निकल कर मतदान किया। धौलपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी शोभारानी कुशवाहा ने अपने गांव जमालपुर में मतदान किया।

वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा ने भी अपने गांव पंचगांव के सरकारी स्कूल में बने मतदान केन्द्र पर मतदान किया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सुपुत्र और झालावाड सांसद राजा दुष्यंत सिंह ने धौलपुर के सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय स्थित मतदान केन्द्र पर अपनी पत्नी युवरानी निहारिका राजे के साथ में मतदान किया। जिला निर्वाचन अधिकारी शुचि त्यागी एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने भी इसी मतदान केन्द्र पर अपना वोट डाला।

चुनाव नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक उप चुनाव के लिए हुए मतदान में पहले दो घंटों में करीब 16 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट डाले। इसके बाद में मतदान में तेजी आई। पूर्वान्ह 11 बजे मतदान में तेजी आई तथा मतदान का प्रतिशत 32.24 तक पंहुच गया। दोपहर में एक बजे तक 49.67 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। वहीं,तीन बजे मतदान का प्रतिशत 66.06 रहा। शाम पांच बजे तक मतदान का आंकडा 73.64 प्रतिशत तक जा पंहुचा।

शाम छह बजे के बाद भी पुराना शहर इलाके में कुछ मतदान केन्द्रों पर भीड रही, जिसके कारण छह बजे के बाद में भी मतदान चलता रहा। मतदान के दौरान सुरक्षा के माकूल इंतजाम रहे। भरतपुर रेंज के आईजी आलोक वशिष्ठ एवं एसपी राजेश सिंह ने स्वंय मतदान केन्द्रों का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायाज लिया।
राजस्थान पुलिस और आरएसी के अलावा बीएसएफ और आईटीबीपी ने सुरक्षा की कमान संभाली। मतदान केन्द्रों पर बीएलओ की तैनाती की गई थी।

मतदान करने पंहुचे लोगों को बीएलओ ने मतदान पर्ची देकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। कुछ मतदान केन्द्रों पर मतदान करने पंहुचे लोगों ने अपने नाम मतदाता सूची में नहीं होने की शिकायत भी की।