फिर अलापा नवाज शरीफ ने कश्मीर का राग

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जम्मू एवं कश्मीर में जारी वहां के ‘मूल निवासियों के स्वतंत्रता संघर्ष’ को नैतिक, कूटनीतिक एवं राजनीतिक समर्थन जारी रखने के संकल्प को मंगलवार को दोहराया। रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, शरीफ ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के निवर्तमान राष्ट्रपति सरदार याकूब खान से की। शरीफ ने कहा कि ‘दुनिया को निहत्थी कश्मीरी जनता के खिलाफ बर्बरता के ताजा मामलों का संज्ञान लेना चाहिए जो अलग नहीं किए जा सकने वाले अपनी आजादी के अधिकारों को हासिल करने के लिए भारी कुर्बानियां दे रहे हैं।’

Nawaz Sharif

शरीफ की यह टिप्पणी भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद आई है जिसमें मोदी ने खुले तौर पर बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की ‘आजादी’ के लिए समर्थन देने की बात कही है। पाकिस्तान ने लाल किले से दिए गए मोदी के भाषण को ‘ध्यान बंटाने की चाल’ करार दिया है। पाकिस्तान के विदेश नीति प्रमुख सरताज अजीज ने कहा, “भारतीय कश्मीर और आजाद जम्मू एवं कश्मीर के हालात में भिन्नता इससे अधिक साफ नहीं हो सकती।”

आठ जुलाई को आतंकी कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से ही कश्मीर घाटी अशांत है। मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में पांच नागरिकों की मौत हुई है। इस तरह मृतकों की संख्या 65 हो गई है। सभी शिक्षण संस्थान, दुकानें, सार्वजनिक परिवहन और अन्य व्यवसाय वानी के मारे जाने के बाद नौ जुलाई से ही बंद हैं।