देशभर में नवरात्र की धूम, जानिए कहां कैसे सजाए गए मंदिर

नई दिल्ली। इस बार नवरात्र कंही आज से तो कंही कल से शुरु हो रहे है, क्योंकि इस बार अमावस्या आज सुबह साड़े आठ बजे तक है और उसके बाद ही कलश स्थापना का मुहूर्त है। लेकिन इसका सबसे अच्छा मुहूर्त 11.35 बजे से 12.23 तक रहेगा। साथ ही 5 अप्रेल, 2017 को दुपहर में 12.50 बजे तक ही नवरात्र होगा, उसके बाद दशमी की तिथी लग जाएगी। साथ ही हमेशा की तरह इस बार भी नवरात्र के अवसर पर कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ है तो कंही पुलिस और सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए है।

दुर्गा मंदिरों में बढ़ी भक्तो की भीड़

मऊ के शीतला मंदिर सहित सभी मां दुर्गा मंदिरों में साफ-सफाई और रंग-रोगन का कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। नवरात्र पर्व में कई मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए भक्तों की सुविधा के मद्देनजर भी व्यवस्था की जा रही है। शहर के सभी देवी मंदिरों में साफ-सफाई एवं रंग-रोगन का काम जोरों पर शुरू है। इस बार आठ दिन तक चलने वाले नवरात्रि महोत्सव के लिए सभी मंदिरों को फूलों एवं विद्युत झालरों से भी सजाया जा रहा है।

जिले के दोहरीघाट स्थित मातेश्वरी मंदिर सहित घोसी, मधुबन व मुहम्मदाबाद गोहना स्थित देवी मंदिरों की आकर्षण सजावट की जा रही है। इसी प्रकर नगर के ख्याति-लब्ध वनदेवी धाम व शीतला धाम की भी फूलों से सजावट की जा रही है। जंगलों के बीच स्थित वनदेवी मंदिर में नवरात्र व रामनवमी दोनों की एक साथ तैयारी की जा रही है। यहां पर तीन दिवसीय मेला भी लगता है। शीतला मंदिर में कमेटी के लोग मंदिर की सजावट की खुद कमान संभाले हुए थे।
दुल्हन की तरह सजा मनसा देवी मंदिर

नवरात्रों के पहले दिन मंगलवार सुबह से ही चंढिगड़ के मंदिरों में पूजा के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिली। वहीं मनसा देवी मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिर में रात से ही भक्तों ने आना शुरू कर दिया था। लंबी कतार में हर कोई दर्शन करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करता नजर आया और माता के जयकारें लगाता नजर आया।

कोई पैदल तो कोई अपने वाहन में माता के मंदिर में मन्नत मांगने आया। मंदिर में भक्तों ने प्रसाद के रूप में लंगर भी ग्रहण किया। वहीं शहर के बाकि मंदिरों में भी माता के दर्शन करने के लिए सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखी जा सकती थी। स्टालों से भक्त लाल चुड़ियां , सिदूंर, प्रसाद और फल खरीदते नजर आए।
हिन्दी वर्ष के साथ नवरात्र की धूम

कुशीनगर में मैनपुर कोट भवानी, कुलकुला भवानी, खिरकिया माई स्थान, खन्हवार माई आदि दर्जन भर शक्ति के केंद्र माने जाने वाले स्थल है। यूं तो इन स्थलों पर वर्ष पर्यन्त भक्त आते रहते है। पर वर्ष की दोनों प्रमुख नवरात्रि में मां का दर्शन कर कृपा पाने के लिए भक्तों का तांता लग जाता है।

यूपी-बिहार की सीमा पर मदनपुर देवी मां का स्थान यूं तो बिहार राज्य के बाल्मिकनगर वन अभयारण्य में स्थापित हैं। नवरात्रि पर्व में गोरखपुर मंडल के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के जाने का क्रम टूटने का नाम नहीं लेता। इन सभी श्रद्धा केंद्रों पर मंगलवार को तैयारियां पूरी नजर आई। श्रद्धालुओं को क्रमवार दर्शन, प्रसाद वितरण व भीड़ को नियंत्रित करने के बास बल्ली से घेराबंदी, सफाई व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल आदि की व्यवस्थाएं पूरी की गई। मेले में आ रहे दुकानदारों को व्यवस्थित तरीके दुकान लगाने को जगह दी गई। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने भी स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का निरीक्षण किया व मातहतों को हिदायत दी। एसपी राजू बाबू सिंह ने बताया कि पर्व को लेकर पुलिस को मंदिरों के इर्द गिर्द मुस्तैद रहने का निर्देश दे दिया गया है।
वैश्नो देवी में भी भक्तो की भीड़

कटड़ा में मंगलवार तक करीब 35 हजार के करीब श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए रवाना हुए है। उम्मीद है कि शाम तक इस संख्या में काफी बढौतरी होने की उम्मीद है। नवरात्रों में श्रद्धालुओं की संख्या में हुई वृद्धि से व्यापारी वर्ग काफी खुश नजर आ रहा है। उसे उम्मीद है कि जो पिछले दिनों मंदी छाई हुई थी, वह अब दूर होगी।

चैत्र नवरात्रों को देखते हुए पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े बंदोवस्त किए गए है। हर चौक-चौराहों खासकर यात्रा मार्ग पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि कोई शरारती तत्व किसी घटना को अंजाम न दे सकें।

उधमपुर के मंदिरों में भी भक्तों का तातां लगा

प्रातःकाल से ही पवित्र देविका नदी में स्नान करने वालों का तांता लगा हुआ था। सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र देविका नदी में स्नान किया एवं मंदिरों में पूजा अर्चना की। नवरात्रों को देखते हुए मंदिरों को विभिन्न प्रकार की लाइटों, फूलों तथा रंग बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। वहीं, सुबह से ही मंदिरों जिनमें शारदा माता मंदिर, काली माता मंदिर, रैम्बल स्थित काली माता मंदिर, टिकरी काली माता मंदिर, पुरुषोत्तम मंदिर, इस्कान आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं की लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिली। वहीं आज श्रद्धालुओं ने माता शैल पुत्री की पुजा अर्चना की तथा माता का आर्शीवाद प्राप्त किया।

पुलिस प्रशासन ने चैत्र नवरात्रों को देखते हुए शहर में सुरक्षा प्रबंधों को कडा कर दिया है ताकि कोई भी शरारतीतत्व किसी भी घटना को अंजाम न दे सके। वहीं दूसरी ओर सुद्धमहादेव, मानतलाई, विनी संगम आदि स्थानों पर भी लोगों ने स्नान आदि किया तथा मंदिरों में पूजा अर्चना की। जिब में चल रहा महाविष्णू यज्ञ हवन यज्ञ के साथ सम्पन्न हुआ। वहीं यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

शैलपुत्री की पूजा अर्चना के लिए आए श्रद्धालु

घर-घर घट स्थापना के साथ ही मंगलवार से चैत्र नवरात्रा आरंभ हो गए। पहले दिन मां शैल पुत्री की पूजा-अर्चना की धूम रही। मेहरानगढ़ स्थित चामुंडा मां के मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में सवेरे से ही भक्तों ने पहुंचकर शक्ति की देवी की पूजा अर्चना की। मेहरानगढ़ स्थित चामुंडा माता मंदिर में सवेरे सात बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया। भक्त माता के जयकारे करते हुए कतार में दर्शन को आगे बढ़ रहे थे। महिलाओं और पुरूषों की अलग-अलग कतारें बनाई गई। श्रद्धालु प्रतिदिन सवेरे सात से पांच बजे तक माता के दर्शन कर सकेंगे। सवेरे मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण हुआ। इसके बाद सतचंडी पाठ का संकल्प और स्थापना का मुहूर्त हुआ।

चामुंडा मंदिर में दर्शनार्थियों के सुगम दर्शन व बेहतर सुरक्षा प्रबंध किए गए। जयपोल के बाहर से ही जिग जैग बेरिकेटिंग के माध्यम से सिंगल लाइन की व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थियों को धूप से बचाने के लिये छतबंदी भी की गई है। सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे भी लगाए गए है। मेहरानगढ़ ट्रस्ट द्वारा दुर्ग के पार्किंग क्षेत्र से लेकर चामुंडा माता मंदिर तक 29 सीसी टीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इस बार दो वर्ष बाद चैत्र नवरात्र नौ दिन तक होंगे। पिछले दो वर्षों में चैत्र नवरात्रा आठ दिन के थे। इस बार नवमी को पुष्य नक्षत्र का शुभ योग भी रहेगा, क्योंकि भगवान राम का जन्म नवमी तिथि के दिन पुष्य नक्षत्र में ही हुआ था।