नमामि गंगे योजना बदलेगी पहाड़ों की सूरत

रुद्रप्रयाग। नमामि गंगे योजना के तहत चयनित जिले की 12 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य के लिए केंद्र सरकार से लगभग एक करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है। इन गांवों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए ठोस, तरल एवं अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कार्य किए जाएंगे। स्वजल की ओर से डीपीआर एवं गांवों के प्रस्ताव मिलने के बाद जून माह से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। बजट का आवंटन गांवों में परिवारों की संख्या के अनुसार किया जाएगा। जनपदस्तरीय निरीक्षण के साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की टीमों ने उक्त गांवों का निरीक्षण व सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया है।

केंद्र की मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान का असर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दिखना शुरू हो गया है। देश में हर घर में शौचालय हो, इसके लिए केंद्र के साथ ही राज्यों में प्रचार-प्रसार जोरों पर चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनाने के लिए स्वजल परियोजना की ओर से प्रति परिवार 12 हजार की धनराशि भी दी जा रही है, जिससे कोई परिवार खुले में शौच न करें।

जिले में अगस्त्यमुनि, जखोली व ऊखीमठ तीन ब्लाकों से 12 ग्राम पंचायतों का पिछले वर्ष नमामि गंगे के तहत चयन हुआ था, जिसमें चाका, रतनपुर, चंद्रापुरी, भटवाड़ी सुनार, सारी, छिनका, गीड भुतेर, गौरीकुंड, कालीमठ, भैंसारी, पाली सरूणा, हाट शामिल हैं। इन गांवों में शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। स्वजल परियोजना की ओर से तरल एवं ठोस प्रबंधन उपाय के तहत ग्राम पंचायतों को धनराशि देने का प्रावधान भी है। तरल यानी गांवों का गंदा पानी एवं ठोस प्रबंधन यानी घरों का कूड़ा-करकट का निस्तारण करना है।

योजना में सार्वजनिक जैविक व अजैविक कूड़ादान, कम्पोस्ट पिट, घरों की नालियां निर्माण, स्टैंड पोस्ट पर गड्ढ़ों का निर्माण समेत कई कार्यो का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। योजना में 150 परिवारों वाले ग्राम पंचायत में 7 लाख, 150 से 300 परिवार में 12 लाख एवं 300 से 500 परिवार में 15 लाख खर्च करने का प्रावधान है। जनपद स्तर पर डीएम ने ग्राम पंचायतों के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर इन गांवों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया था। जनपदस्तरीय नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के बाद राज्य एवं केंद्र सरकार की टीमों ने भी गत माह के प्रथम सप्ताह में नमामि गंगे के तहत चयनित उक्त 12 गांवों में सत्यापन का कार्य रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

उक्त गांवों में तरल एवं ठोस प्रबंधन उपाय के कार्यों के लिए भारत सरकार से लगभग एक करोड़ का बजट भी अवमुक्त हो चुका है। इसके अलावा मनरेगा एवं राज्य वित्त से प्राप्त बजट भी इसमें खर्च किया जाएगा। स्वजल परियोजना ने 20 मई तक सभी ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद डीपीआर तैयार कर आगामी जून माह से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त नमामि गंगे के तहत गांवों में एक-एक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य भी किए जाएंगे। दो लाख की लागत से बनने वाले इन शौचालयों के लिए 1.80 लाख स्वजल एवं 20 हजार रुपये ग्राम पंचायत अपने फंड से वहन करेगी। नमामि गंगे के तहत जिन गांवों में कार्य होगा जखोली ब्लाक-का चाका, रतनपुर, ऊखीमठ ब्लाक-हाट, चन्द्रापुरी, भटवाडी सुनार, सारी, छिनका, गीड भुतेर, उखीमठ ब्लॉक-गौरीकुंड, कालीमठ, भैंसारी, पाली सरूणा आदि के नाम शामिल है।

इस बारे में पूछे जाने पर परियोजना प्रबंधक, स्वजल परियोजना रुद्रप्रयाग एसडी नौटियाल ने बताया कि जिले में नाममि गंगे के तहत चयनित 12 ग्राम पंचायतों के लिए भारत सरकार से लगभग एक करोड़ की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव एवं परियोजना की ओर से डीपीआर तैयार कर शीघ्र इन गांवों में निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इन गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करने की योजना भी है।