तो ऐसे शुरु हुआ प्यार का दिन….’वैलेनटाइन डे’

नई दिल्ली। हर प्रेमी जोड़े के लिए वैलेनटाइन डे कि अहम भूमिका होती है। 14 फरवरी यानी वैलेनटाइन डे हर धड़कते दिल का खास दिन प्यार के इज़हार का दिन होता है। सब कपल्स इस दिन को अलग-अलग तरह से मनाते है इस दिन को अपने पार्टनर के लिए स्पेशल बनाते है। लेकिन क्या आप जानते है ये दिन क्यों मनाया जाता है? क्यों इस दिन को वैलेनटाइन डे कहा जाता है? नहीं ना तो चलिए आज हम आपको बताते है इस प्यार के इजहार के दिन के पीछे की खास और दिलचस्प कहानी..

कहा जाता है कि संत वैलेनटाइन के नाम पर ही 14 फरवरी को वैलेनटाइन डे का नाम मिला। दरअसल रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस का शासन हुआ करता था। राजा के अनुसार शादी करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धी कम हो जाती है इसलिए उसने आज्ञा दी की राज्य का कोई सैनिक या अधिकारी विवाह नहीं करेगा। संत वैलेनटाइन ने इस आदेश का विरोध किया और संत वैलेनटाइन के आह्वान पर कई सैनिकों और अधिकारियों ने विवाह किया जिसके चलते 14 फरवरी सन् 269 को संत वैलेनटाइन को फांसी पर चढ़ा।

संत के फांसी पर चढ़ने के बाद से ही पूरी दुनिया 14 फरवरी को वैलेनटाइन डे के रूप में मनाती है ताकि उस शख्स को याद किया जा सकें जिसने एक राजा के खिलाफ आवाज उठाई और प्रेमियों को आपस में मिलवाया।