मिस्र : चर्च में विस्फोट के लिए मुस्लिम ब्रदरहुड जिम्मेदार

काइरो। मिस्र ने मंगलवार को मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं पर यहां चर्च में हुए बम विस्फोट में शामिल आतंकियों को प्रशिक्षण और धन के लिए कतर भगाने का आरोप लगाया। रविवार की सुबह हुए बम विस्फोट में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गृह मंत्रालय के हवाले से कहा है, “जांचों से खुलासा हुआ है कि मोहाब मुस्तफा एल सईद कासिम ने मुस्लिम ब्रदरहुड के सरगना सईद कोत्ब की तकफिरी विचारधारा को अपनाया था। उसे ब्रदरहुड के नेताओं से आर्थिक व अन्य सहायता मिली, साथ ही प्रशिक्षण देने और हमले करने के निर्देश मिले थे।

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मुस्लिम ब्रदरहुड ने विस्फोट में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। यह विस्फोट संत मार्क गिरिजाघर के पास के चर्च में हुआ था। एक बयान के मुताबिक, कासिम वर्ष 2015 में कतर गया था और वहां भाग कर पहुंचे मुस्लिम ब्रदरहुड के कई नेताओं से मिला था। उन नेताओं ने उसे देश को अस्थिर करने और सांप्रदायिक विद्रोह फैलाने के लिए धन और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं।

गृह मंत्रालय ने कहा कि जांचों से पता चलता है कि 22 वषीय शफीक को कासिम ने आत्मघाती बम विस्फोट करने का प्रशिक्षण दिया। ऐसा संदेह इस वजह से हो रहा है कि विस्फोट स्थल पर बरामद शव के हिस्सों का डीएनए परीक्षण करने पर उसके परिवार से मिल गया। कहा गया है कि शफीक को वर्ष 2014 में तब गिरफ्तार किया गया था, जब वह मुस्लिम ब्रदरहुड की सुरक्षा में लगा था। उसे साल मई में उसे रिहा कर दिया गया था।
राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी ने सोमवार को मृतकों के अंतिम संस्कार के अवसर पर कहा था कि विस्फोट को शफीक ने अंजाम दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस हमले में शामिल होने के संदेह में एक महिला सहित चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो और की तलाश की जा रही है।