40 लाख की फिरौती ना देने पर युवक की हत्या

मेरठ। जनपद में बदमाशों ने अपना आतंक इस कदर मचा रखा है साथ ही पुलिस को बोना साबित कर ताबड़तोड़ खटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। मेरठ में इस बार बदमाशों ने एक मासूम का अपहरण कर रंगदारी न मिलने पर उसका कत्ल कर दिया। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है। जबकि पुलिस की कई टीमें लगाकर जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिशें मार रही है।

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आपको बता दें कि मेरठ के थाना क्षेत्र के भावनपुर इलाके में नबीपुर निवासी 16 वर्षीय शिवा मंगलवार को अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकला था। जोकी रोज की तरह ही आज भी परीक्षितगढ़ स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने के लिए गया था, शिवा को 2 बजे तक अपने घर लोट आना था, लेकिन शिवा शाम तक भी अपने घर नहीं लोटा। तो परिवार वालों को चिंता सताने लगी और उन्होंने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। शिवा का शाम होते-होते क्षेत्र के ही गांव नगला शाहू में होने की सूचना मिली। शिवा की लोकेशन मिलते ही गांव वालों ने नगला शाहू के खेतों को घेर लिया और अपना डेरा जमा लिया, जिससे बदमाश घबरा गए और बदमाशों ने शिवा को गोली मार दी, गोली चलने की आवाज जैसे ही गांव वालों ने सुनी तो वो समझ गए कि शिवा के साथ कोई अनहोनी हो गई है। काफी मशक्कत के बाद शिवा को तलाश लिया गया, लेकिन जब तक शिवा को गोली लगी चुकी थी। जिससे उसको मेरठ के आनद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि शिवा ने मौका-ऐ-वारदात पर ही दम तोड़ चूका था। जिसके बाद परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा और परिजनों में मातम का माहौल छा गया। इस दौरान परिजनों ने मीडिया से बात तक नहीं की, लेकिन जिले की कप्तान अपने मुंह से ही पूरी कहानी सुना रही है, कि बदमाशों ने किस तरह से बच्चे के ड्रावर पिता से 40 लाख रूपये की रंगदारी मांगी गई और फिरोती ना देने पर उसको मौत के घाट उतार दिया गया। हालांकि एसएसपी का कहना है कि इस घटना में इनके गांव के लोग भी शामिल हो सकते है, बाकी परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन फिलहाल एसपी क्राइम और 3 सीओ व 5 थाना अध्यक्षों को घटना के खुलासे में लगाया गया है। उम्मीद है जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आजाएंगे।

दूसरी तरफ मेरठ एसएसपी मंजलि सैनी ने बताया कि शिवा के परिजनों से 2 दिन पहले भी फोन कॉल के माध्यम से रंगदारी मांगी गई थी, लेकिन शिवा के पिता महज एक ड्राइवर है जोकी इतनी रकम न होने के चलते उन्होंने भी इग्नोर कर दिया था। लेकिन मंगलवार को उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि घर से स्कूल के लिए गया उनका लाल आज घर ही नहीं लौटेगा। लेकिन अब देखना यही होगा कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है और वह कौन है जो पैसो के लिए ये सब कर रहा है। या किसी जानकार ने ही इस घटना को अंजाम दिया है। लेकिन इससे यह जरूर साबित होता है कि मेरठ में पुलिस का इकबाल अब खत्म हो गया है। बदमाशों के दिलो में ,पुलिस का बिलकुल भी खौफ नहीं रहा है और वो रंगदारी, लूट, हत्या और डैकेती जैसी घटनाओं को बड़े आराम से अंजाम दे रहे है।