योगीराज में अपराधियों के हौसले बुलंद, दरोगा की गला रेतकर की हत्या

देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में सत्ता पलट होने के बाद योगी सरकार लगातार एक्शन में आ रखी है। आए दिन योगी सरकार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कार्रवाई कर रही है। लेकिन योगी सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी जमीनी हकिकत कुछ और बयां कर रही है। ऐसे में जब अपराध होता है तो कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो जाते हैं कि क्या लोगों में पुलिस का दबदबा अब नहीं रहा या फिर अपराधियों में पुलिस का खौफ अब निकल गया है। सोचिए तब क्या होगा जब कानून के रक्षक ही अपराधियों के घटिया मनसूबे का शिकार हो जाए। कुछ ऐसा ही वाक्या यूपी के बिजनौर से सामने आया है। यहां अपराधियों के हौसले दिन पर दिन परवान चढ़ते ही जा रहे हैं।


बिजनौर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां अपराधियों ने ऑन ड्यूटी दरोगा की बेखौफ होकर गला रेत कर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। वही घटना के बाद से ही पुलिस प्रसाशन में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी मिलते ही पुलिस इस मामले में आनन फानन से तहकीकात में लग गई। घटनास्थल पर मौके से पुलिस को कुछ सुराग भी हाथ लगे हैं। लेकिन अभी तक पुलिस को दरोगा की हत्या करने वाले हत्यारों का कोई ठोस सबून नहीं मिल पाया है। मृतक दरोगा का नाम सहजोर सिंह है। मृतक रात आठ बजे अपनी मोटरसाइकिल से बालावाली चौकी जा रहा था।

चौकी पहुंचने से करीब 200 मीटर पहले दबंगों ने दरोगा को रोक लिया और उनकी गला रेत कर हत्या कर दी। हत्यारों ने उनके गले पर कई बार वार किया और फरार हो गए। जिसके कई देर बाद उनका शव सड़क के किनारे पड़ा हुआ मिला। दरोगा के सिर पर हेलमेट लगा हुआ था और उनका शरीर खून से लतपत पड़ा हुआ। वही जानकारी मिलने के बाद पुलिस आनन फानन में घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से चप्पल और हथियार जब्त किया है। फिलहाल पुलिस को अभी तक कोई भी ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा है जिससे हत्यारों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

वही ऑन ड्यूटी दरोगा की हत्या होने के बाद एक बार फिर से सूबे में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गया है। ऐसे में एक बार फिर से सूबे में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लग गए हैं। जिसके बाद अब योगी सरकार पर तरह तरह की कवायदें लगाई जा रही है। अब देखना यह होगा की सूबे में इतनी बड़ी घटना होने के बाद योगी सरकार कितने एक्शन में आती है और कब दरोगा के हत्यारों की गिरफ्तारी होती है।