1993 मुम्बई ब्लास्ट केस: मुम्बई टाडा कोर्ट ने सुनाई अबु सलेम सहित 5 को सजा

नई दिल्ली। 24 साल 10 हजार पन्ने की चार्ज सीट लम्बी प्रक्रिया 189 आरोपी 100 को पहले ही सजा का ऐलान 27 अभी तक फरार 1 को फांसी एक की सजा एक की सुनवाई के दौरान मौत ये है मुम्बई ब्लास्ट की कहानी जो कि रची गई थी। साल 1993 के मार्च माह में इस मामले में आज अहम आरोपियों जिन्होने इस कांड की साजिश को अंजाम तक पहुंचाया था कोर्ट ने सजा सुनाई है। इसके पहले 16 जून को कोर्ट ने इस मामले में इन 6 को दोषी करार दिया था। जिसमें अबु सलेम, ताहिर मर्चेंट, फिरोज अब्दुल राशिद खान, करीमुल्लाह, अबू सलेम, रियाज़ सिद्दीक़ी आरोपी हैं।

24 साल पहले इस धमाके में 257 लोग मारे गए थे इस धमाके में हजारों लोग घायल और करोडों की सम्पति का नुकसान हुआ था।इस मामले में साल 2006 में एक अहम फैसला आया था जिसमें 123 आरोपियों में 100 को सजा का ऐलान हुआ था। इन आरोपियों में बालीबुड के एक्टर संजय दत्त पर प्रतिबंधित हथियार रखने का आरोप लगा था, जिसमें उनको सजा हुई थी। इसी मामले में दूसरे आरोपी मेमन को फांसी की सजा दी गई थी। जिसको साल 2015 में यरवदा जेल में फांसी दी गई थी।

साल 1993 में माह मार्च का है जब बेपरवाह मायानगरी बमों के धमाकों से सहम सी गई थी। ये ब्लास्ट पाकिस्तान की खुफिया एजेन्सी आईएसआई और अन्तर्राष्ट्रीय अपराधी दाउद इब्राहिम द्वारा अंजाम दिए गए थे। साल 1995 से इस मामले में अदालत में केस चलना शुरू हुआ था। साल 2002 में कई अपराधियों को प्रत्यर्पण संधि के जरिए भारत लाया गया था, जिसमें अबू सलेम भी शामिल है। इस मामले में सात लोगों के केस को अदालत ने अलग कर दिया था जिन पर आज फैसला आना है। बाकी पर कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया था। इसके बाद 23 को बरी कर मेमन को फांसी दी गई थी।

इस 7 आरोपियों में एक आरोपी मुस्तफ़ा दोसा की सुनवाई के दौरान दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत हो गई थी आज इस मामले में अबु सलेम के साथ 5 आरोपियों की सजा का ऐलान होगा। जिसमें अबु सलेम पर हथियारों को और ब्लास्ट के सामानों के एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के साथ अभिनेता संजयदत्त को हथियार देने का भी आरोप लगा है। अबु सलेम, ताहिर मर्चेंट, फिरोज अब्दुल राशिद खान, करीमुल्लाह, रियाज़ सिद्दीक़ी को आज कोर्ट ने इस मामले में सजा सुनाई है।

इस मामले में पहले करीमुल्लाह शेख को आजीवन कारावास की सजा का ऐलान हुआ है। इसके साथ ही उस पर 2 लाख का जुर्माना भी कोर्ट ने तय किया है। इस मामले में सबसे बड़े आरोपी अबु सलेम को भी आजीवन कारावास के साथ 2 लाख का जुर्माना लगाया गया है। सजा का ऐलान होती ही सलेम कोर्ट परिसर में फूट-फूट कर रोने लगा। इस मामले में रियाज सिद्दीकी को 10 साल की कैद और ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई गई है।

इस मामले में आरोपी ताहिर मर्चेंट पर भी धमाकों की साजिश के साथ आरोपियों को ट्रेनिंग देने और पाकिस्तान या दूसरे मुल्कों में भागने में मदद करने का आरोप है। इसी मामले में रियाज सिद्दीकी के ऊपर आरडीएक्स भरी मारूती बैन गुजरात के भरूच से लाकर सलेम के हवाले करने का आरोप लगा है। फिरोज खान इस मामले में मुख्य अभियुक्त दोसा का करीबी रहा है। इस पर भी हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का आरोप लगा है। इसके साथ ही करीमुल्लाह शाह पर भी हथियारों और ब्लास्ट के सामानों को हर जगह प्लान्ट करने का आरोप लगा है।

साल 1993 में माया नगरी मुम्बई में हुए धमाकों के बाद देश ही नहीं विश्व थर्रा गया था। पहली बार ये धमाके इस कदर हुए थे कि आतंक की आहट को देश के हर कोने में महसूस किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 10 हजार पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसमें 189 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। लेकिन इस मामले में 123 लोगों पर मुकदमा चला। जिसमें 23 को बरी कर दिया गया। 100 लोगों को सजा हुई थी। जिसमें संजय दत्त भी शामिल थे। इस मामले में 27 अभियुक्त अभी भी फरार हैं।