मुलायम सिंह यादव ने किया शिवपाल के लिए चुनाव प्रचार

इटावा। उत्तर प्रदेश के सियासी रण में पहली बार चुनाव प्रचार करने के लिए उतरे मुलायम सिंह यादव ने भाई शिवपाल यादव के लिए वोट मांगे। जसवन्तनगर विधानसभा क्षेत्र में जनता को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि जनता शिवपाल यादव के लिए वोट करें।

शिवपाल के साथ-साथ मुलायम के लिए यह चुनाव इस कदर प्रतिष्ठा का विषय बन गया है कि उन्होंने यहां लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि हमारे शिवपाल को जिता देना। उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस से गठबन्धन पर चुप्पी साधी और जसवन्तनगर से अपने पुराने सम्बन्धों की लोगों को याद दिलायी। मुलायम ने इस दौरान उनके चुनाव लड़ने पर विपक्षियों की जमानत जब्त होने का भी जिक्र किया।

सपा संरक्षक ने अपनी सरकार में मुसलमानों के हित में उठाये गए कार्यों को भी जनता के बीच रखा और कहा कि 80 के दशक में कोई मुसलमान नौकरी में नहीं आ पाता था। हमने कहा हर थाने में कम से कम तीन मुस्लिम होने की व्यवस्था की। ऐसी नीति हमारे अलावा किसी ने नहीं बनायी। वहीं उन्होंने शिवपाल को भी अल्पसंख्यकों का हितैषी बताया और उनके लिए बहुत काम करने की बात कही।
खास बात है कि मुलायम ने यहां अखिलेश के खिलाफ कुछ नहीं कहा। हालांकि उन्होंने कहा कि इस सरकार में हमें जिद करनी पड़ रही है। अखिलेश हमारा लड़का है। ज्यादा कह नहीं सकते लेकिन दवाब बना कर बात मनवा लेते है। उन्होंने अपने रक्षामंत्री होने से लेकर प्रधानमंत्री नहीं बन पाने की राजनैतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया।

मुलायम ने कहा कि हम प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए। हालांकि अच्छा हुआ क्योंकि कुछ साल बाद पीएम के बाद पूर्व लग जाता। वहीं इस मौके पर शिवपाल ने भी बतौर मंत्री रहते अपने कराये विभिन्न विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने एक बार कहा कि हम नेताजी के साथ हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमने इतने काम किए कि विपक्ष भी कभी सवाल नहीं खड़े कर पाया।

वहीं शिवपाल ने अपने एक बयान में कहा है कि जबसे उन्होंने जसवंत नगर विधानसभा का चुनाव लड़ना शुरू किया है। तब से उनकी पार्टी का एक बड़ा नेता उन्हें हराने के लिए साम्प्रदायिक ताकतों और भाजपा से मिलकर उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। शिवपाल के मुताबिक यह नेता क्षेत्र में मौजूद नहीं होने पर भी फोन के माध्यम से लोगों को बरगलाता है, प्रलोभन देता है। अपनी धौंस जमाता है। जिसकी वजह इस बार वह अपनी विधान सभा क्षेत्र में जब तक वोटिंग नहीं पड़ जाती, तब तक जाने जाने वाले नहीं है।

शिवपाल ने इस नेता के अखिलेश यादव होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों से चुनाव के कुछ दिन बाद जब चर्चा करेंगे, तो वह कौन है, सभी को मालूम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी उसके खिलाफ कोई मुंह नहीं खोलना चाहता, क्योंकि वह लोगों को नुकसान पहुंचाता रहा है और पहुंचा सकता है।