मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

इलाहाबाद। मास के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य अर्जित करने की इच्छा से प्रयाग के संगम में डुबकी लगाया। बुधवार की शाम से ही स्नानार्थियों का रेला शुरू हुआ, जो अबतक जारी है।

मौनी अमावस्थ्या पर सदियों बाद दुर्लभ संयोग में पुण्य अर्जित करने के लिए लोगों ने बुधवार की शाम से ही संगम में स्नान शुरू कर दिया। सदियों बाद इसका पुण्य योग 24 घंटे से अधिक तक रहेगा। आज सुबह 4.48 बजे से अमावस्या तिथि शुरू होते ही श्रद्धालुओं का सभी घाटों पर स्नान शुरू हो गया। मौनी अमावस्या का संयोग 28 जनवरी की सुबह 5.32 बजे तक रहेगी।

शास्त्रों के अनुसार मनुष्य़ के अंदर तीन मैल कर्म, भाव और अज्ञानता का वास होता है जो कि संगम में स्नान करने से धुल जाता है।  आज सुबह की मौनी अमावस्या के महापर्व पर लाखों श्रद्धालुओं के साथ किन्नर संतों ने भी आस्था की डुबकी लगाई। किन्नर संत बीते एक हफ्ते से माघ मेला क्षेत्र में डटे हुए हैं। मौनी अमावस्या के स्नान पर्व में शामिल होने किन्नर अखाड़ा भी संगमनगरी में है। किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का कहना है किजिस तरह से हिन्दू सनातन धर्म का पालन सभी अखाड़े करते हैं। उसी तरह किन्नर अखाड़े ने भी सनातन धर्म के पालन का प्रण किया है।