मिशन इंद्रधनुष वाहन को डीएम ने दिखाई हरी झंडी

मेरठ। प्रदेश में नवजात बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को आठ बीमारियों से बचाव के टीके लगाकर उनके जीवन में स्वास्थ्य लाभ व खुशियां बिखेरने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मेरठ सहित प्रदेश के 37 जनपदों में मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम प्रारम्भ किया है। जनपद के पांच ब्लॉकों व शहरी क्षेत्र में आमजन को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कोर पीसीआई द्वारा संचिलत खुशी एक्सप्रेस को जिलाधिकारी समीर वर्मा ने कलैक्ट्रेट से हरी झण्डी दिखाकर व फीता काटकर रवाना किया।

मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम आगामी 9 मई से 22 मई तक चलेगा, खुशी एक्सप्रेस 03 मई से 09 मई तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आमजन को जागरूक करेंगी। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में स्वास्थ्य व शिक्षा का अहम योगदान होता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देंशित किया कि वह सुनश्चित करें कि जनपद में कोई नवजात बच्चा व गर्भवती महिला टीकाकरण से न छूटे। उन्होंने कहा कि मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम व टीकाकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन इससे लाभान्वित हो सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा वीपी सिंह ने बताया कि 03 मई से 09 मई तक कोर पीसीआई द्वारा खुशी एक्सप्रेस के माध्यम से जादूगर शो व प्रचार साहित्य द्वारा पांच ब्लॉकों रोहटा, हस्तिनापुर, परिक्षितगढ, सरधना व खरखौदा के कम से कम दो हाई रिस्क क्षेत्रों तथा पूरे शहर में आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा टीकाकरण का महत्व बताया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम जोकि आगामी 09 मई से 22 मई तक चलेगा के अर्न्तगत 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को आठ घातक बीमारियों जिसमें पोलियों, टीबी, काली खांसी, गला घोटू, टिटनेस, हैपेटाइटस बी, एचआईवी, व खसरे से बचाव के टीके ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 से 1200 तक की जनसंख्या पर व शहरी क्षेत्रों में 2500 की जनसंख्या पर सत्र लगाकर लगायें जायेंगे। उन्होंने बताया कि मिशन इ्रन्द्रधनुष में एक पेटावैलेन्ट इन्जेक्शन लगाया जाता है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अजय घई ने बताया कि उत्तर प्रदेश में टीकाकरण 74 प्रतिशत है तथा जनपद मेंरठ मे भी 74 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम की पूरी निगरानी डब्लूएचओ, यूनीसेफ, कोर पीसीआई व स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाती है तथा इसके लिये जनपद में राज्य व भारत सरकार द्वारा ऑबजर्वर (प्रेक्षक) भी नियुक्त किये जाते है। उन्होंने बताया कि घुमत्तू जातियों, नो मेड, ईंट भटटों पर कार्य करने वाले मजदूरों के परिवारों पर भी विशेष ध्यान देकर टीकाकरण किया जाता है।

 (शानू भारती, संवाददाता)