…मिलिये नागिस्तान के बाशिंदों से

मुंबई। नागिस्तान के बाशिंदों में कई दिलचस्प किरदार हैं। सोनी सब के इच्छाप्यारी नागिन द्वारा दर्शकों को नाग एवं नागिनों की जिंदगी की एक झलक दिखाई जायेगी। शो की कहानी नागिस्तान और पृथ्वी के इर्द-गिर्द घूमती है। इच्छा नाम की एक इच्छाधारी नागिन सापों के बारे में लोगों की धारणा को बदलने के लिये धरती पर कदम रखती है। इसे शो में ‘इंसानी बस्ती‘ कहा गया है। इच्छाप्यारी नागिन इच्छाधारी नाग व नागिनों के बारे में कई भ्रम तोड़ने वाली है, क्योंकि शो में दिखाया जायेगा कि नागिस्तान के लोग शांति पसंद और भोले-भाले प्राणी हैं। वे बिना किसी कारण के लोगों को नुकसान पहुंचाने में विश्वास नहीं करते। वे तभी आपको नुकसान पहुंचाते हैं, यदि उन्हें उकसाया जाये या डराया-धमकाया जाये।

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नागिस्तान का माहौल बेहद सकारात्मक है। यहां पर ढेरों पेड़ और पत्थरनुमा संरचनायें है। नागिस्तान में दूध के झरने और कई नदियां मौजूद हैं। यहां के परिधान सापों के चरित्र से प्रेरित हैं, जोकि नागिस्तान के लोगों का लुक दर्शाते हैं। नागों का इतिहास काफी पुराना है और यहां के निवासी नागोरी देव एवं शिव की पूजा करते हैं। नागोरी देव एक काल्पनिक देवता हैं, जो आधे इंसान और आधे सांप है। आईये नागिस्तान के कुछ प्रमुख बाशिंदों पर गौर फरमाते हैं।

मुख्य (अगस्त आनंद)
वह नागिस्तान का मुखिया है। वह सत्तावादी है, लेकिन इंसानों की अवधारणा बदलने में इच्छा के प्रयास का समर्थन करता है। वह लोकतांत्रिक नेता है और उसने नागों के बीच इज्जत और प्यार कमाया है।

गुरूजी (हेमपुष्पक अरोड़ा)
मुख्य के दाहिने हाथ गुरूजी नागिस्तान के सबसे बुद्धिमान शख्स हैं। वे इतने बुद्धिमान हैं कि अक्सर मुख्य तथ्यों और समाधानों के लिये गुरूजी के पास जाते हैं। इस शांत और प्रतिष्ठित व्यक्ति के पास हर समस्या का समाधान है और नागिस्तान में हरकोई उनकी इज्जत करता है।

शेषु (भारत भाटिया)
इच्छा के पिता शेषु मजेदार और दुलार करने वाले पिता है। वह नागिस्तान में निरंतर अपनी शक्तियों को आजमाने के लिये मशहूर हैं और उन्हें बढ़ाने के लिये नये मंत्र गढ़ते रहते हैं। आमतौर पर उनका प्रयोग गलत होता है। उनकी इस आजमाईश में उनकी पत्नी, जोकि इच्छा की मां है, हमेशा बलि का बकरा बनती है।

सिपली (अंजली गुप्ता)
सिपली इच्छा की मां है। वह अपनी बेटी से बेहद प्यार करती है और उसकी भलाई को लेकर चिंतित रहती है। हर मां की तरह इच्छा की धरती की यात्रा की चिंता उसे सता रही है और वह उसकी सुरक्षा की कामना करती रहती है।