जरुरी दवाएं ले ले 30 को बंद रहेंगी मेडिकल शॉप

देहरादून। प्रदेशभर के दवा व्यवसायी केन्द्र सरकार के नीतियों के विरोध में 30 मई को अपनी दुकान बंद रख विरोध प्रकट करेंगे। इस संबंध में दवा विक्रेता केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन की तैयारी कर ली है।


देशभर में डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन सहित अन्य समितियों ने केमिस्ट दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को मंजूरी और होलसेल में फार्मेसिस्ट अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गुणवत्ता में कमी आती है। साथ ही, दवाओं की ऑनलाइन बिक्री ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 (नियम 1945) का सीधे उल्लंघन है।
एआईओसीडी के महामंत्री सुरेश गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की नयी नीति के अनुसार मैन्यूफैक्चरर्स सहित सभी दवा व्यापारियों को ड्रग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है और प्रत्येक दवा की बिक्री इसी पोर्टल के जरिये करना अनिवार्य किया जा रहा है जो कि पूरी तरह से अव्यवहारिक है।

उन्होंने बताया कि किसी भी रिटेलर को अगर मरीज को दवा देनी है तो पहले डॉक्टर का परचा स्कैन कर अपलोड करना पड़ेगा, बिल बना कर इस पोर्टल पर अपलोड करना होगा तथा फाइनल बिल पोर्टल द्वारा जारी करने तथा फाइनल इनवॉयस पोर्टल द्वारा जारी करने के बाद ही दवा मरीज को दे पायेगा।

इसी तरह स्टाकिस्ट खुदरा दवा व्यापारी को माल देने से पहले इनवॉयस अपलोड करेगा तथा फाइनल इनवॉयस पोर्टल द्वारा जारी करने के बाद ही दवा रिटेलर को दे पायेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इनवॉयस वैल्यू सरकार को व्यापारियों द्वारा दी जायेगी।