सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज के नाम पर अधिकारी कर रहे हैं वसूली

मेंहदावाल। अखिलेश युग के बाद भले ही यूपी में सत्ता बदल गई हो और योगी युग शुरू हो गया हो जिनके एजेंडे में भ्रष्टाचार नाम की चीज से नफरत है लेकिन पूर्व की सरकार के कुछ नुमाइंदे अभी भी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। संतकबीरनगर जिले के सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज लगाने के नाम पर खुलेआम वसूली की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग आंख बंद करके अपनी हिस्सेदारी में जुटा हुआ है।

संतकबीरनगर जिले के मेंहदावाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जहां पर दवा के नाम पर मरीजों से खुलेआम पैसा वसूला जारहा है तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि एक युवती अपने पर्स से 100 रुपये का नोट निकल कर इस व्यक्ति को दे रही है और अस्पताल में मौजूद सम्बंधित व्यक्ति रुपये अपनी जेब में रख लेता है। दरअसल ये पैसे एन्टीरैबिज इंजेक्शन लगाने के नाम पर वसूला जा रहा है और सबसे हैरान करने वाली बात ये भी है कि ये व्यक्ति अस्पताल का सरकारी कर्मचारी या वाडब्वॉय भी नहीं लेकिन किस तरह से स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत अस्पताल में बहरी व्यक्तियों का कब्जा है और मरीजों से खुलेआम वसूली की जारही है जो हैरान करने वाली बात है।

इस मामले में मेहदावल के पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने कहा कि अस्पताल में जो पैसा लिया जाता है इसकी जांच हो इससे आम जनता बहुत प्रभावित हो रही है ज्यादातर अस्पतालों में किसान मजदूर दवा कराने आते हैं इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

 -शैलेंद्र मणि त्रिपाठी