MLC चुनावों में भाजपा की जीत के बाद मायावती ने किया कटाक्ष

लखनऊ। 11 फरवरी को जहां एक तरफ प्रदेश में 73 विधानसभा चुनावों सीटों के पहले चरण के लिए मतदान डालें जा रहे तो दूसरी तरफ एमएलसी चुनावों के नतीजें घोषित किए गए। एमएलसी चुनावों में भाजपा का परचम लहराने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। सभी नेता एमएलसी चुनावों को विधानसभा चुनावों के नतीजों से जोड़ने लगे। एमएलसी चुनावों के नतीजों के बाद एक बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

मायावती ने मोदी के शनिवार को बदायूं में दिए भाषण पर कहा कि पीएम को यह भी जरूर बताना चाहिए था कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान जनता से हर गरीब को 15 से 20 लाख रुपये देने और किसानों की कर्ज माफी जैसे वादे किए थे लेकिन ये वादे पूरे नहीं गए। केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए मायावती ने कहा कि यह दोनों मुख्य चुनावी वायदे भी यहां अन्य वायदों की तरह ही केवल हवा-हवाई व कोरे जुमलेबाजी ही बनकर रह गए हैं। जबकि केन्द्र में भाजपा की सरकार को बने हुए अब लगभग पौने तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं।

आगे बोलते हुए मायावती ने कहा कि जिस तरह से विधान परिषद की स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के नतीजों को भाजपा और विशेष तौर पर प्रधानमंत्री विधानसभा चुनाव से जोड़कर चल रहे हैं, उससे जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है क्योंकि उसे यह मालूम है कि यह अधिकांश मैनेज किया हुआ व खरीद-फरोख्त वाला ही चुनाव होता है जिसमें धन का ही अधिकांश खेल होता है।

मायावती ने कहा कि यदि यह चुनाव एमएलए द्वारा सीधा होता तो फिर अभी हाल ही में प्रदेश में एमएलए द्वारा हुए चुनाव में भाजपा अपने पैसों के खेल के जरिए भी एक सीट को नहीं जीता पायी थी और ना ही राज्यसभा की दूसरी सीट को भी जीता पायी थी। मायावती ने कहा कि वैसे भी यह स्नातक वाला चुनाव बसपा अधिकांश नहीं लड़ती है।