माननीयों ने गाड़ियों पर किए करोड़ों खर्च…

देहरादून। इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास को लेकर सूबे में पूर्व मुख्यमंत्री और रावत सरकार के बीच रार छिड़ी हुई है। कोर्ट के आदेश के बाद सूबे के पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपना आवास खाली करने का फरमान सुनाया गया था। जिसके बाद भी कुछ मुख्यमंत्रियों ने आवास अभी तक नहीं छोड़ा है।

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लेकिन जब तक वो आवास में रहे तब तक के किराये का बिल भी रावत सरकार ने हाईकोर्ट के जरिए भुगतान कराने का आग्रह किया है। जिसके बाद पूर्व मुख्यमत्रियों में कई अभी सरकारी आवास का सुख उठा रहे हैं।

आवास के किराये के बाद अब गाड़ी के व्यय का खुलासा
अब एक आरटीआई में नया खुलासा सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकारी आवास के साथ सरकारी गाडियों पर भी लाखों का सरकारी ईधन खर्च कर दिया है। अब सरकार चाहती है कि ये पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी आवास में जब तक रहे तब तक का किराया और गाडियों का व्यय सरकार के कोष में जमा करायें। इस बारें में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा अब सरकार हमारे ऊपर ये खर्च जानबूझ कर डाल रही है। सरकार ने आवास और गाड़ी,ड्राईवर सब कुछ फ्री दे रखा था। अब इसकी किराया मांगने का कोई सवाल समझ में नहीं आता ।

गाड़ी का खर्च हैं करोड़ों में
वैसे ये बात कहने में भले ही ठीक हो कि सरकार ने ये सुविधाएं पूर्व मुख्यमत्रियों को फ्री दे रखी थी लेकिन इन सुविधाएं पर किया जाने वाला खर्च जनता से लिए गये टैक्स से आता है। ऐसे में यह बात और भी ज्यादा गम्भीर हो जाती है कि जब कोर्ट ने आवास खाली करने का आदेश दिया है। उसने बाद एक जनहित याचिका में भी इस खर्च का जिक्र किया गया है। इन पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई इन सुविधाओं में हुए खर्च पर एक नजर डालें तो पता चलता है कि हमारे जनप्रतिनिधियों ने किस तरह से जनता के पैसे अपनी फिजूलखर्ची में खर्च कर दिए। अगर इनके वाहनों के ही रखरखाव और खर्च को जोड़ दें, तो ये लागत करोड़ों में पहुंच जाती है। लेकिन इस बात का इस पर कोई असर नहीं है।

आईये एक नजर डालते हैं इन आंकड़ों पर कि किस तरह से जनता के पैसे की फिजूलखर्ची की जाती है।

पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी के खर्च के आंकड़े पर नजर डाली जाये तो 66,08,368.00 रूपये का है। इसके बाद एनडी तिवारी 19,28,712.00 ने इन पैसा अपने वाहनों पर खर्च कर डाला। भुवन चंद्र खण्डूरी का भी खर्च कुछ कम नहीं है उन्होने भी 27,23,601.00 रूपये खर्च कर डाला। रमेश पोखरियाल निशंक के खर्च को देखें तो ये आंकड़ा भी कम नहीं है, उन्होने 43,33,982.00 रूपये खर्च कर डाला। इसके अलावा विजय बहुगुणा भी कम नहीं है खर्च के मामले में उन्होने भी 7,71,106.00 रूपये खर्च कर डाले।

आखिर किस तरह से इन मुख्यमंत्रियों ने जनता के पैसे को अपनी फिजूलखर्ची में खर्च कर दिए। जब कि ये आंकड़े तो केवल गाडियों के हैं। ये बात जाहिर करती है कि पहाल पर उनकी जनता के विकास में कैसे उसके जनप्रतिनिधि उसके पैसों को बर्बाद कर रहे हैं।

piyush-shukla(अजस्र पीयूष)