किताबों का ना बनाएं जंग का मैदान- सिसोदिया

दिल्ली सरकार के एजुकेशन मिनिस्टर और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने NCERT की जनरल काउंसिल मीटिंग में किताबों को जंग का मैदान ना बनाए जाने की बात कही है। एजुकेशन मिनिस्टर और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि सरकार बदलने के साथ साथ किताबें भी बदल जाती है। मनीष सिसोदिया ने एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता वाली मीटिंग में भाग लिया। जहां उन्होंने कहा कि एनसीआरटी की किताबों में कई तरह के फेरबदल करने की जरूरत है क्योंकि बच्चे जब इन किताबों को पढ़ते हैं तो कंफ्यूज हो जाते हैं।

वही एनसीईआरटी ने अपनी किताबों में गलतियों को लेकर राज्यों से सुझाव मांगा था। जिसके बाद काउंसिल किताबों में होने वाले बदलावों का फैसला करेगी। वही दूसरी तरफ एनसीआरटी अधिकारी के मुताबिक बात की जाए तो कई राज्यों ने एनसीईआरटी की किताबों में गलतियां पाने का मुद्दा उठाया है। इस संबंध में एचआरडी मिनिस्टर इस मुद्दे को लेकर रिव्यू मीटिंग भी करेंगे। जिसके बाद किताबों की उपलब्धता के मुद्दे को सुलझाया जाएगा।

मनीष सिसोदिया ने हर किताब का एनालिसिस भी दिया है। और कहा है कि बच्चें इन किताबों को पढ़कर कंफ्यूज हो जाते हैं और उन पर ओवरलोड पड़ जाता है। वही मनीष सिसोदियो द्वारा दिया गया एनालिसिस को दिल्ली से स्कूलों के टीचरों ने तैयार किया है। उन्होंने एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावडे़कर को रिपोर्ट भी सौंपी है जिसमें बताया गया है कि एनसीआरटी की किताबों में क्या क्या बदलाव करने की जरूरत है। वही मनीष सिसोदिया ने रिपोर्ट में बताया है कि किन किन विषयों पर बदलाव करने और उसमें बेहतर सुधार करने की जरूरत है।