ममता दीदी से दादा ना बने तो बेहतर- केसी त्यागी

पटना। बीते दिनों नोटबंदी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पटना में धरना और सभा का आयोजन किया था। जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए थे। नीतीश ने पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि ये फैसला आने वाले कल में एक बेहतरीन बदलाव का संकेत दे रहा है। कालेधन को लेकर किया गया पीएम मोदी का ये फैसला स्वागत योग्य है। जिसके बाद सरकार के कई सहयोगी और जदयू के बीच कोल्डवार चल रहा है। इसी कोल्डवार के दौरान ममता ने धरना और सभा कर सीएम नीतीश पर भी तीखे प्रहार किए।

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जिसके बाद से जदयू की ओर से कई बयान भी आये। लेकिन जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता के सी त्यागी ने इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ममता दीदी के तौर पर तो बेहतर है, लेकिन उन्हे दादा वाली छबि नहीं अपनानी चाहिए। ममता बनर्जी को अपने दायरे में रह कर बयानबाजी करनी चाहिए। इस मुद्दे पर सीएम बंगाल ममता बनर्जी एक गुटीय राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं। कालेधन जैसे मुद्दे पर जनहित की बात और प्रगतिवादी सोच को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

इसके पहले खुद सीएम नीतीश कुमार भी इशारों में सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा थी, आक्रमकता से कोई भी नेता में लोगों की राय नहीं बदल सकता। पटना में आहुत सभा में बोलते हुए ममता ने इशारों में नीतीश कुमार को गद्दार कहा था। जिसके बाद से ये प्रतिक्रियाएं आई हैं।