10 अप्रैल से शुरू होगा महावक्रीय योग, छह ग्रह चलेंगे उल्टी चाल

नई दिल्ली। सोमवार, 10 अप्रैल से महावक्रीय योग शुरू हो रहा है। इस दौरान छह ग्रह वक्रीय हो जाएंगे। ज्योतिषियों के मुताबिक 6 गृहों की उल्टी चाल 10 से 15 अप्रैल के बीच रहेगी, इसके बाद शुक्र के मार्गीय होते ही वक्रीय ग्रहों की संख्या 5 हो जाएगी। ज्योतिषमठ संस्थान के ज्योतषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया कि 10 अप्रैल को बुध गृह के वक्रीय होने से नो ग्रहों में से 6 ग्रह वक्रीय चाल चलेंगे। नौ ग्रहों में सूर्य, चंन्द्र कभी वक्रीय नहीं होते हैं। इसके साथ मंगल को छोडक़र सभी गृह उल्टी चाल चलेंगे। गृहों की यह उल्टी चाल जून और अगस्त माह तक प्रभावित करेगी।

पं. विनोद गौतम के अनुसार स्माह ग्रहों की वक्रगति का प्रभाव पृथ्वी पर पड़ेगा। गृहों की उल्टी चाल प्राकृतिक प्रकोप राजनेतिक उलट-पुलट की संभावना के साथ आंतकी गतिविधियां तथा उपद्रव के संकेत वक्रीय गृह दे रहे हैं। इसके साथ अंगारक गृह भीषड़ अग्निकाण्ड, विस्फोट आदि स्थितियां बनेगी। वहीं कुछ ग्रहों के अस्त होने से अंधड़ वायु चाल, असमय बारिश एवं धुंध के साथ किसी बड़े राजनैतिक नेता का संकट बढ़ेगा।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार ग्रहों की वक्रीय चाल से ऋतु परिवर्तन जैसे हालात बनेंगे। अत्यधिक गर्मी के प्रकोप के साथ ग्रहों के वक्रीय एवं अस्त होने के प्रभाव से बारिश तूफान के संकेत भी मिलते हैं, जिससे भूकम्प आदि प्राकृतिक आपदा की संभावना बलवति हो रही है। ग्रहों की उल्टी चाल से राजनीतिक, प्राकृतिक और सामाजिक समरसता तो भंग होगी, साथ ही धार्मिक उन्माद भी बढ़ेगा। इस षडय़ंत्रकारी महावक्रीय योग के प्रभाव से उच्च शीर्षत राजनैतिक लोगों को संकट का सामना करना पड़ सकता है। अत: इस अवधि में देश को सावधानी और सर्तकता रखने की आवश्यकता है।