बिस्किट खाने में नंबर वन है महाराष्ट्र के लोग

नई दिल्ली। बिस्किट खाने में देश में महाराष्ट्र पहले और दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड हैं। जहां सालाना करीबन एक लाख 85 हजार टन बिस्किट की खपत है। तमिलनाडु एक लाख ग्यारह हजार, पश्चिम बंगाल एक लाख दो हजार, कर्नाटक 93 हजार, मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ अस्सी हजार, बिहार और झारखंड में बासठ हजार पांच सौ, राजस्थान बासठ हजार पांच सौ, गुजरात 72 हजार, आंध्र प्रदेश के लोग बावन हजार पांच सौ टन बिस्किट खाते हैं।

देशभर में लोग प्रत्येक वर्ष 36 लाख टन बिस्किट टन खाते हैं। इनमे सबसे अधिक बिस्किट के शौकीन लोग महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्रवासी एक साल में एक लाख नब्बे टन बिस्किट खाते हैं जबकि सबसे कम बिस्किट खाने वालों में पंजाब और हरियाणा के लोग हैं।

बिस्किट मैन्युफ़ैक्चरर्स वेलफेयर असोसिएशन के अनुसार देश में गत वर्ष 36 लाख टन बिस्किट की खपत हुई है। इसमें हर साल आठ से दस प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। एक अनुमान के अनुसार देश में 37,500 करोड़ रुपये के बिस्किट की बिक्री सालाना हो रही है। असोसिएशन के अध्यक्ष हरेश दोषी ने कहा कि लोग अब केवल स्वाद के लिए नहीं बल्कि नाश्ते, स्वास्थ्य कारणों और दाल-रोटी के स्थान पर भी बिस्किट खा रहे हैं, जिससे इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले केवल ग्लूकोज बिस्किट थे लेकिन अब बाजार में कई किस्म के बिस्किट उपलब्ध हैं। हरेश का कहना है कि सरकार ने यदि 100 रुपये तक की कीमत वाले बिस्किट को जीएसटी के दायरे में शामिल किया तो सरकार को मिलने वाले कर राजस्व में बढ़ोतरी तो नहीं होगी, लेकिन यह निम्न वर्ग की पहुंच से दूर हो जाएगा।