एक प्यारा एहसास गले लगने का……..

नई दिल्ली। लग जा गले के फ़िर ये हंसी रात हो ना हो… शायद फिर इस जन्म में मुलाकात हो ना हो…

इस गाने से आपने अंदाज़ा लगा ही लिया होगा के आज हम आपको हग डे के बारे में बताने जा रहे हैं। वैलेंटाइन वीक में हग डे की एक खास जगह है। प्रेम के इस पर्व के बाकि दिन एक तरफ और हग डे यानी गले लगने का दिन एक तरफ। गले लगने का एहसास एक ऐसा एहसास होता है जिससे एक दूसरे के प्रति आत्मीयता का पता चलता है। किसी के साथ गले लगने पर रिश्तों में गर्माहट आती है तो किसी के गले लगने के अंदाज से हम रिश्ते के ठंडेपन का एहसास कर सकते हैं। कुल मिलाकर आपके रिश्ते की बुनियाद कैसी है गले लगने से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

गले लगना या गले लगाना दोनों ही एक प्यारा एहसास है और इस एहसास को हर कोई कभी ना कभी जरुर महसूस करता है और यह एक एहसास दुनिया के किसी भी एहसास से बहुत अलग और बहुत अनूठा होता है। जैसे एक बच्चे के चोट लगने पर मां का उसे अपनी बाहों में भर लेना और बच्चे का अपनी मां की बाहों में सुरक्षित महसूस करना।

इसी तरह कपल्स भी अपनी बहुत सी फीलिंग्स को बिना कुछ कहे बस एक दूसरे को अपनी बाहों में भर कर करते है और अपने पार्टनर की बाहों में सुरक्षित और अच्छा महसूस करते है। ऐसा करने से सारे गिले शिकवे भी दूर हो जाते है तो जैसे कल प्रोमिस डे पर हमने एक दूसरे को वादा किया था के साथ रहेंगे आज उस वादे को प्यार और अपने पन को आगे बड़ा कर आज एक दूसरे को आगोश में ले कर अपनी धड़कन सुनाते हैं।