भगवान जगन्नाथ की हर दिन अलग-अलग वेश में होगी पूजा

जगदलपुर। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज बस्तर संभाग द्वारा गोंचा महापर्व के सफल आयोजन हेतु रविवार को साढ़े 12 बजे श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में समस्त क्षेत्रीय अध्यक्ष, सचिव सहित समस्त पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।

360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष दिनेश पानीग्राही तथा गोंचा पर्व समिति के अध्यक्ष बनमाली प्रसाद पानीग्राही ने बस्तर संभाग के समस्त क्षेत्रीय अध्यक्ष, सचिव सहित समस्त पदाधिकारियों को उक्त बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का आग्रह किया गया है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष नौ जून से देवस्नान पूर्णिमा चंदन जात्रा से भगवान जगन्नाथ महाप्रभू का गोंचा महापर्व प्रारंभ होकर चार जुलाई को देवशयनी के साथ गोंचा महापर्व का समापन होगा। जिसके बाद गोंचा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गोचा के पहले दिवस यही भगवान जगन्नाथ की अलग-अलग वेश की अलग-अलग दिन पूजा की जाएगी। साथ ही हेरा पंचमी के दिन पुरुष भगवान जगन्नाथ का संवाद पढ़ेगे तथा महिलाएं माता लक्ष्मी का।
360 घर आरण्यक ब्राहमण समाज के अध्यक्ष दिनेश पानीग्राही के अध्यक्षता में गोंचा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में गोंचा पर्व के संचालन हेतु प्रबंध कार्यकारिणी का गठन किया गया समाज प्रमुखों की ओर से यह सुझाव आया कि भगवान के 12 वेश की पूजा अलग-अलग की जाएगी इस दौरान यह सुझाव आया कि प्रतिदिन शाम छह से सात बजे के बीच विशेष पूजा होगी। और शाम 7:30 बजे महाआरती की जाएगी।
भक्तगणों को यह भी बताया गया है कि सत्यनारायण व्रत कथा प्रतिदिन सुबह नौ बजे से प्रारंभ होकर शाम पांच बजे तक चलेगी इस बैठक में हेरा पंचमी के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ का संवाद पुरुष पढ़ेंगे, वही माता लक्ष्मी का संवाद महिलाए पढ़ेगी। इस बैठक में और कई प्रमुख निर्णय लिए गए जिसके तहत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने का विचार किया गया है।

रविवार को आयोजित बैठक में गोंचा समिति बनमाली पानीग्राही समाज के पानीग्राही उमाकांत पानीग्राही जगदलपुर क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष विवेक पांडे, उमेश पानीग्राही, दीप्ति पांडे सहित विभिन्न क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष विशेष रूप से उपस्थित रहे।