न्याय के घर देर है अंधेर नहीं

संतकबीर नगर। कहते है भगवान के घर देर होती है लेकिन अंधेर नही होती है। कुछ ऐसी ही एक कहावत इन दिनों संत कबीर नगर जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में चरितार्थ होती दिखाई पड़ रही है । जिसमे कोर्ट के आदेश पर सत्रह वर्षो बाद फर्जी जमीन के बैनामे में एक अधिकवक्ता सहित चार लोगो को धारा 419 ,420 ,467 ,468 के तहत सी जी एम ने सात साल की सजा के साथ पाँच हजार का अर्थदंड भी सुनाया है।

आपको बतादे के वर्ष 1999 में कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के थवईपार गांव निवासी सलाहुदीन के चाचा गायब हो गए थे । जिसमे वर्ष 2001 में इसी गांव के भाल सिंह नामक व्यक्ति ने किसी अज्ञात व्यक्ति को खड़ा करके उनकी जमीन का फर्जी बैनामा करा लिया । जिसका दस्तावेज कचहरी के अधिवक्ता हनुमान प्रसाद ने लिखा था। जिस पर पीड़ित सलाहुद्दीन ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर वर्ष 2001 में फर्जी तरीके से हुए जमीन के बैनामे को लेकर भालसिंह ,अधिवक्ता हनुमान प्रसाद ,गवाह इंद्रजीत और दयाशंकर के खिलाफ धखधडी का मामला दर्ज कराया था ।

जिसकी तारीख चल रही थी और सत्रह वर्षो बाद आज अधिवक्ता जय प्रकाश की जिरह पर तत्कालीन सी जी एम ने विभिन्न धाराओ में अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पाठक ,भालसिंह ,इंद्रजीत और दयाशंकर के खिलाफ सात साल की कठोर सजा सुनाया है। साथ ही चारों लोगो पांच हजार रूपये का अर्थदंड भी सुनाया है। सभी अभियुक्तो को जेल भेज दिया गया है।

शैलेन्द्र मणि, संवाददाता