लंदन की बाला रीति-रिवाज से बनी बिहार की दुल्हन

पटना। कहा जाता है कि प्रेम किसी बंधन को नहीं मानता। रविवार की शाम पटना में यह सच होते देखा गया। सात समंदर पार लंदन की बाला सैफ्रन और बिहार के चंद्रशेखर भारतीय संस्कृति और बिहारी रीति-रिवाज के मुताबिक परिणय सूत्र में बंध गए।

Dulhan

लंदन की युवती सैफ्रन रविवार को पटना पहुंची और शाम में यहां के एक मशहूर होटल में सजे-धजे एक विवाह मंडप में पूर्वी चंपारण के लखौरा निवासी शशिभूषण सिंह के पुत्र चंद्रशेखर के साथ परिणय सूत्र में बंध गई। इस विवाह समारोह में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। शादी के जोड़े में सजे दूल्हे चंद्रशेखर ने बताया, “मैं वर्ष 2003 पढ़ाई करने के लिए गया लंदन था। कॉलेज में पहले सैफ्रन से दोस्ती हुई, और फिर दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद हम दोनों ने साथ जिंदगी गुजारने का फैसला लिया।”

उन्होंने आगे बताया, “शुरू में इस विवाह के लिए दोनों परिवार के लोग राजी नहीं थे, लेकिन बाद में दोनों परिवार के लोगों ने हामी भर दी। हमने कई साल तक परिवार की इजाजत का इंतजार किया।”

चंद्रशेखर की बरात लेकर पिता शशिभूषण सिंह पूर्वी पटना के राजीव नगर स्थित चंद्रकांता कॉम्पलेक्स से मौर्य होटल पहुंचे, जहां लंदन से आए सैफ्रन के भाई क्रिश्चन पामर और मां हिलेरी पामर ने अन्य परिजनों के साथ उनका स्वागत किया। दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई।

अग्नि के समक्ष सात फेरे लेने के बाद सैफ्रन ने कहा कि बिहार के लोग काफी अच्छे हैं। बिहार की शादी की रस्में भी अनोखी हैं। उन्होंने कहा, “मुझे भारतीय परंपरा की सादगी बहुत पसंद है। लंदन में इस तरह शादी नहीं होती है। मुझे यहां की बहू बनने पर गर्व है।”

नवविवाहित जोड़े चंद्रशेखर और सैफ्रन अपनी पारंपरिक शादी के विषय में कहते हैं, “माता-पिता व परिजनों के आशीर्वाद के बिना कुछ भी बेहतर नहीं होता। यही कारण है कि हमने भारतीय परंपरा को कायम रखते हुए बिहार आकर शादी करने का निर्णय लिया।”

इस शादी से चंद्रशेखर के दादा भी खुश हैं। दादा सुरेंद्र सिंह ने कहा, “हमारे परिवार का बेटा खुद अपने पैरों पर खड़ा है और समझदार है। इसने एक अंग्रेजन लेकिन संस्कारित लड़की से प्यार किया और अपने रीति-रिवाज निभाते हुए शादी की। मेरे पोते की खुशी सवरेपरि है।”

बहरहाल, यह विवाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

(आईएएनएस)