संबंधों को ठीक करने के लिए कतर को सौंपी गई इन शर्तों की सूची

रियाद। क़तर राजनयिक संकट में मध्यस्थता कर रहे खाड़ी देश कुवैत ने क़तर को अरब देशों के साथ समझौते के लिए अपनी मांगें सौंप दी हैं। यह जानकारी शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक क़तर को 13 मांगों की सूची दी गई है। सऊदी अरब, मिस्र, सयुंक्त अरब अमीरात और बहरीन ने इन मांगों में समाचार चैनल अल-जज़ीरा को बंद करने को कहा है। इन देशों ने क़तर से ईरान के साथ संबंध ख़त्म करने के साथ ही तुर्की सैन्य बेस को 10 दिनों के अंदर बंद करने को भी कहा है।


बता दें कि सूची में उल्लिखित मांगों में मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ सभी तरह के संबंध तोड़ना, अल-जज़ीरा, अरबी21 और मिडिल ईस्ट आई मीडिया को आर्थिक मदद देना बंद करना, मुआवजे के रूप में एक मात्रा में धनराशि देना, सऊदी अरब और अन्य देशों में विपक्षी पार्टियों को दी गई आर्थिक मदद से जुड़ी विस्तृत जानकारी देना, अमरीकी प्रशासन के बताए चरमपंथी संगठनों को आर्थिक मदद देना बंद करना, इन चार देशों द्वारा चरमपंथ के मामले में लंबित उन सभी व्यक्तियों को सौंपना, चार देशों के उन नागरिकों को बेअसर करने से इनकार करनाऔर क़तर में मौजूद ऐसे लोगों को बाहर निकालना, गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सभी अन्य तरीकों के साथ खुद को जोड़ना शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों में कुवैत और ओमान जैसे कुछ अरब देशों को छोड़कर ज्यादातर अरब देशों ने क़तर के साथ अपने राजनीतिक संबंध ख़त्म कर लिए हैं और अपने हवाई क्षेत्रों को कुवैत के लिए बंद कर दिया है। इसके साथ ही जमीनी सीमा को भी बंद कर दिया गया है। हालांकि क़तर ने चरमपंथ और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने के आरोपों का खंडन किया है. क़तर की ओर से इन मांगों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।लेकिन क़तर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी पहले ही कह चुके हैं कि क़तर प्रतिबंधों के हटाए जाने तक बातचीत नहीं करेगा।