जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सरदार बख्तावर सिंह को अंतिम विदाई

होशियारपुर। राजौरी के नौशेरा सेक्टर में शुक्रवार को पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था जिसमें भार्तीय जवान सरदार बख्तार सिंह शहीद हुए सेना की आठवीं सिख लाई बटालियन के जवान सरदार बख्तावर सिंह का पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया गया जैसे ही ये सूचना गांव वालों को मिली तो पूरा गांव बख्तार सिंह के सम्मान में उमड़ गया। परिजनों को एक तरफ खुशी थी की उनका बेटा शहीद हुआ लेकिन दूसरी तरफ आंखें नम भी थी।शहीद का पूरे सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया।

आपको बता दें की शुक्रवार सुबह पांच बजे पाकिस्तान ने कलसियां सेक्टर में अपनी जबरियान पोस्ट से सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गोले दागने शुरू कर दिए। पाक ने भारत की अजरुन पोस्ट को निशाना बनाते हुए 120 एमएम के मोर्टार दागे, जो सीधे पोस्ट पर आकर गिरा। इसमें नायक बख्तावर सिंह व सिपाही कुलदीप बुरी तरह घायल हो गए। दोनों को सैन्य अस्पताल में पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया की इलाज के दौरान सरदार बख्तार सिंह ने अपनी आखरी सांसे ली।

बख्तावर के शहीद होने पर पूरे गांव में गमी का माहौल बना हुआ है, साथ ही सरदार बख्तावर सिंह जो देश के लिए शहीद हुए है तो पूरे गांव के लोगों को उनकी शहीदी पर फक्र भी है। पिता सरदार प्रीतम सिंह ने कहा की उनके चार बच्चे है, जिनमें से बख्तावर सबसे छोटा बेटा था। बख्तावर की यूनिट असम से श्रीनगर दो माह पहले ही पहुंची थी। एक माह के लिए बख्तावर की ड्यूटी बेंगलुरू लगी थी। जब बख्तावर बेंगलुरू से ड्यूटी खत्म करके श्रीनगर जा रहा था तो मई माह में कुछ दिन की छुट्टी बिताने के लिए घर आया था। वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुए बख्तावर सिंह के दो बेटे और एक बेटी है जिसमें से छोटा बेटा महज 8 महीने का है।