सीबीआई की विशेष अदालत में हुई लालू की पेशी

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई की राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 12 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह से छापेमारी जारी है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि यह छापेमारी दिल्ली, पटना, रांची, पुरी और गुरुग्राम स्थित ठिकानों पर शुक्रवार की प्रात एक साथ प्रारंभ की गई। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने 2006 में रेलमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटों के साथ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लालू पर रेल मंत्री रहते हुए रांची और पुरी में होटल बनाने के लिए जारी टेंडर में धांधली करने का आरोप है।

इस बीच 950 करोड़ों रुपये के चारा घोटाले में लालू यादव को शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में रांची में पेश होना है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1996 में सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपए निकाल लिये गए थे। इस सिलसिले में सीबीआई तत्कालीन बिहार में 44 से अधिक मामले दर्ज किये गये थे। चारा घोटाला के एक अन्य मामले में छह जून को लालू प्रसाद यादव जी की पटना के सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई थी। सीबीआई की छापेमारी से पहले 16 मई को लालू यादव तथा उनके परिवार के दिल्ली के गुरुग्राम समेत 22 ठिकानों पर आयकर विभाग ने एक हजार करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति को लेकर छापेमारी की थी।

वही लालू यादव इस मामले में कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने कोर्ट से निकलते वक्त अपनी सफाई भी पेश की है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि वह सरेंडर कर दें। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि सीबीआई ने उनके आवास पर छापेमारी क्यों की है। बीजेपी पर कड़ा वार करते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग बीजेपी को तोड़कर रख देंगे। वही लालू ने इस सब को एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें सीबीआई की दोष नहीं है दोष सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह का है। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक साजिश है। उनका कहना है कि सीबीआई की छापेमारी राजनीतिक साजिश है। जिसके तहत उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि यह सब कुछ एनडीए के राज में हो रहा है। उन्होंने कहा कि सब कुछ नियमों के तहत किया गया है।

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव पर आरोप दर्ज किया है कि रेल मंत्री रहने के दौरान उन्होंने एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया है। सीबीआई ने उनकी पत्नी और बेटे समेत आठ लोगों पर मामला दर्ज किया है। सीबीआई की टीम 12 ठिकानों पर अपनी छापेमारी कर रही है। जानकारी के अनुसार यह मामला साल 2006 का है। इस वक्त में लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री के पद पर तैनात थे। उन पर आरोप लगाया गया है कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहने के दौरान एक निजी कंपनी का काफी फायदा पहुंचाया है। जानकारी है कि शु्क्रवार को सीबीआई रखरखाव, विकास  तथा कामकाज के लिए टेंडर देने के मामले में लालू के 12 ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी कर रही है।