जानिए क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के उपचार

हेल्थ डेस्क। स्वाइन फ्लू नामक बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है और इस बीमारी से सबके होश उड़े है यह बहुत ही गंभीर बीमारी है क्योंकि सही समय पर इसका इलाज नहीं कराया गया तो आपकी जान भी जा सकती है इतना ही नही अगर एक इंसान को इस बीमारी ने घेरा है तो उसके संपर्क में आने वाले दूसरे व्यक्ति को ये बीमारी अपने चपेट में ले सकती हैं।

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दुनियाभर में फैल रही ये बीमारी बहुत ही खतरनाक है इसके लिए हमे सावधानी बरतनी होगी जिससे हम इस बीमारी का आसानी से सामना कर सकते है इसलिए जब भी हमें इस बीमारी के थोड़े से लक्षण दिखाई दे तो हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि इस बीमारी का सामना करना चाहिए।

स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण हमें वैसे तो सामान्य जुकाम की तरह ही होता है परन्तु इसमें हमें 100 डिग्री तक बुखार भूख का कम हो जाना था नाक में से पानी का बहना जैसे होता है लेकिन कुछ लोगों को गले में खराश जलन उल्टी और डायरिया भी हो सकता है।

स्वाइन फ्लू एक आम फ्लू की तरह ही होता है लेकिन जब भी इस प्रकार का फ्लू हो तो हमें इसका उपचार शीघ्र ही करवा लेना चाहिए।

  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • गले में खराश और दर्द होना
  • सुखी खांसी
  • बुखार उल्टी या दस्त का होना
  • सिर दर्द
  • भूख न लगना
  • गंभीर मामलों में शरीर के किसी अंग का काम न करना आदि।
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स्वाइन फ्लू से रोकथाम

  • सबसे पहले आप को एक प्लान तैयार करना चाहिए और उस के बारे में सभी को बताना चाहिए।
  • संक्रमण की पुष्टि करने के लिए नजदीकी स्वास्थय विभआग से लगातार संपर्क बना कर रखें।
  • काम करने वाले व्यक्ति को तब तक आराम करना चाहिए जब तक कि अच्छी तरह से ठीक न हो जाए। जिसे ठीक होने में कम से कम पांच दिन लग जाते हैं।
  • अगर किसी में फ्लू के लक्षण दिखाई दे, तो उसे सभी से अलग होने को कहें या उसे घर जाने को कहें घर में भी उसे दूरी बनाकररखने की आवश्यकता होती है। ऐसे में अगर घर में दूरी न बन पायें तो घर वाले सर्जिकल मास्क पहन सकते हैं।
  • स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार अपने हाथ साबुन के साथ धोने चाहिए इससे संक्रमण को रोका जा सकता है।
  • छींकते, खांसते हुए टिशु पेपर का इस्तेमाल करना चाहिए और बाद में टिशु पेपर को कचरा दान में दाल कर नष्ट कर देना चाहिए। ऐसा करने से संक्रमण दूसरे इंसान तक नहीं फैलता।
  • दरवाजों के हैंडल, रिमोड़, कंप्यूटर आदि को साफ रखना चाहिए।