तमिलनाडु की सत्ता के नए चेहरे पालानस्वामी

नई दिल्ली। तमिलनाडु की सत्ता पर कई सालों का काबिज रहने वाली अम्मा यानि की जयललिता के स्वर्ग सिधारते ही प्रदेश में राजनीतिक संकट गहरा गया। जो पन्नीरसेल्वम अम्मा के आदेश पर एक बार में कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हो गए थे वो कुर्सी के लिए लड़ने लगे। एक तरफ पन्नीर ने अपने सियासी दांव खेलना शुरू किया तो दूसरी तरफ खुद को अम्मा का वारिस बताने वाली चिन्नमा ने राजनीति को और गर्मा दिया। पन्नीर ने कुर्सी तो छोड़ दी लेकिन सियासत नहीं छोड़ी वो लगातार इसी प्रयास में लगे रहे कि तमिलनाडु की सत्ता पर दोबारा काबिज हो सकें। लेकिन उनके इस सपने में रोड़ा बनती रही शशिकला। शशिकला और पन्नीर की सियासी लड़ाई में बाजी मारी एड्डापाडी के. पालानस्वामी ने। तमिलनाडु की सत्ता पर अचानक से उभरे एड्डापाडी के. पालानस्वामी को शाय़द ही कोई जानता होगा।

पालानस्वामी अम्मा की मौत के बाद प्रदेश के तीसरे मुख्यमंत्री बनें। अब यह बात जानना थोड़ा सा दिलचस्प है कि जब प्रदेश की सत्ता की जंग शशीकला और पन्नीरसेलवम में चल रही थी तो ये तीसरा चेहरा कौन है।

दरअसल, पन्नीरसेलव के इस्तीफे के बाद शशिकला को मुख्यमंत्री बनाया जाना था लेकिन कोर्ट में उनके खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ती के मामले में उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। शशिकला को सलाखें तो मिली ही साथ ही कोर्ट ने फरमान जारी कर दिया कि अब वो 6 सालों तक चुनाव नहीं लड़ सकती साथ ही 4 साल तक चुनाव प्रचार भी नहीं करती।

 

 

वैसे तो शशीकला को मिली सजा के बाद यह ही माना जा रहा था कि अब पन्नीरसेलवम वापस से तमिलनाडु की कमान संभालेंगे लेकिन शशिकला के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते बंद होने के बाद सियासी दांव खेला और पन्नीर के ख्याबों को भी चकनाचूर कर दिया। अन्नाद्रमुक महासचिव शशिकला ने पन्नीरसेलवम को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद सबके मन में यही सवाल था कि अब पार्टी की कमान कौन संभालेगा। लेकिन इसके जवाब के रुप में अन्नाद्रमुक ने अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री के रुप में नया चेहरा पालानस्वामी को बनाया है।

एक ही पार्टी मे दो लोगों के मुख्यमंत्री बनने के सपने ने एक को जेल तो दूसरे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिसके बाद अन्नाद्रमुक के समक्ष एक नई पार्टी बनाने के दावे के साथ पन्नीरसेलवम ने अन्नाद्रमुक को चुनौती दी है। अब तमिलनाडु के विकास की कमान पालानस्वामी के हाथ में है। आपको बता दें कि पालानस्वामी काफी समय से अन्नाद्रमुक का हिस्सा है। एड्डापाडी के. पालानस्वामी का जन्म 1954 में हुआ था और वो अपने पोलिटीशियन करियर में 4 बार (1989,1911,2011 और 2016) तमिलनाडु के एमऐलए पद पर रह चुके है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से पहले पालानस्वामी सड़क एवं परिवहन मंत्री थे। पालानस्वामी ने 14 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और अब वो मुख्यमंत्री के तौर पर तमिलनाडु की कमान संभाल रहे है।

सत्ता के लिए नया चेहरा…..

बता दें कि पालानस्वामी शशिकला के काफी खास है और दोनों के रिश्ते भी काफी अच्छे माने जाते है। सत्ता के गलियारों में गौर से देखा जाए तो पालानस्वामी ने शशिकला के दिल में वो जगह बनाई है जो पन्नीर ने अम्मा के दिल में बनाई थी। इसी वजह से पालानस्वामी को नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। अब भले ही मुख्यमंत्री के चहरे के तौर पर पलानस्वामी नजर आ रहे है लेकिन है तो वो एक कटपुतली समान ही और कहने को तो शशीकला जेल में है लेकिन जाने से पहले उन्होंने अन्नाद्रमुक को पूरी तरह अपने कब्जे में कर लिया है ऐसा कहना गलत नहीं होगा। पालानस्वामी के राजनीतिक करियर पर नजर डालें तो कुछ खास नजर नहीं आता एक मंत्री का पद संभालने के अलावा उन्होंने अपने करियर में कुछ खास नहीं किया। फिर भी उन्हें सत्ता के शिखर पर जगह दी गई है।

दिन पर दिन बदल रही तमिलनाडु की राजनीति ना जाने आगे क्या रंग दिखाएगी लेकिन जो भी हो अभी के लिए तो नए मुख्यमंत्री चुने जा चुके है और यह उनका पहला एक्सपीरिएंस होने वाला है मुख्यमंत्री के तौर पर। और रही बात शशिकला की तो वो चाहे जेल में हैं लेकिन पार्टी की सारी डोर तो अभी भी शशिकला के हाथ में है उनका वफादार, भरोसेमंद पलानस्वामी सीएम और उनके रिश्तेदार दिनकरन पार्टी के उप महासचिव इसलिए शशिकला के लिए तो अभी चित्त भी उनकी और पट भी।