सुपरलीग में दिल्ली को हरा केरल ने फाइनल में रखा कदम

नई दिल्ली। केरला ब्लास्टर्स ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिल्ली को पेनाल्टी शूटआउट में 3-0 से हराकर हीरो इंडियान सुपर लीग के फआइनल में एंट्री कर ली है। 18 दिसम्बर को कोच्चि में होने वाले खिताबी मुकाबले में केरल का सामना एटलेटिको दे कोलकाता से होगा। निर्धारित समय की समाप्ति के बाद दिल्ली ने केरल को 2-1 से हरा दिया था लेकिन कुल स्कोर 2-2 हो गया और इसी कारण मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा। केरल ने पहले चरण के सेमीफाइनल मैच में दिल्ली को 1-0 से हराया था। अतिरिक्त समय के 30 मिनटों में भी दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं और फिर मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट के आधार पर हुआ।

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पेनाल्टी का पहला प्रयास केरल की ओर से जोसू प्रीटो ने किया और वह सफल रहे। केरल 1-0 से आगे हो गया था। दिल्ली की ओर से मार्की खिला़ड़ी फ्लोरेंट मालोउदा ने पहला प्रयास किया और वह गेंद को बार के ऊपर मार बैठे। इसके बाद केरल की ओर से दूसरा प्रयास एंटोनियो जर्मन ने किया लेकिन दिल्ली के गोलकीपर डोबलास ने उनके प्रयास को शानदार तरीके से रोक दिया। दिल्ली के लिए दूसरा प्नयास अगस्टो पेलीसारी ने किया लेकिन वह भी नाकाम रहे।

केरल के लिए तीसरा प्रयास केरवेंस बेलफोर्ट ने किया और वह गोल करने में सफल रहे जबकि दिल्ली की ओर से एमरसन गोम्स मोउरा ने एक बार फिर नाकाम प्रयास किया। यहां संदीप नंदी ने एक बेहतरीन बचाव किया। अब केरल के चौथे प्रयास पर मैच का परिणाम टिका था और इस पर गोल करते हुए मोहम्मद रफीक ने अपनी टीम की जीत पक्की कर दी। बहरहाल, निर्धारित समय में मैच का पहला गोल 21वें मिनट में दिल्ली के लिए मार्सेलो लीते परेरा ने किया था। यह गोल केरल के गोलकीपर संदीप नंदी की गलती के कारण हुआ। वह अपना गोलपोस्ट छोड़कर गेंद तक पहुंचना चाहते थे जबकि दिल्ली के खिलाड़ियों-मार्सेलीनो और रिचर्ड गाद्जे की कुछ और रणनीति थी।

केरल ने हालांकि इसके तीन मिनट बाद 24वें मिनट में जोसू प्रीटो और डकेंस नाजोन के सम्मिलित प्रयासों की बदौलत बराबरी कर ली। यह गोल प्रीटो के पास पर नाजोन ने किया। इसके चार मिनट बाद मिलन सिंह को लाल कार्ड दिखाया गया। अब दिल्ली की टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर थी लेकिन इसके बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और स्टापर टाइम पर गोल करते हुए खुद को आगे कर लिया।

दिल्ली के लिए मैच का दूसरा गोल रुबेन रोचा ने किया। यह गोल मार्कोस तेबार रामिरो के फ्रीकिक पर हुआ। नंदी गेंद को लपकने के लिए आगे बढ़े लेकिन वह चूक गए। लम्बे कद के रोचा ने उनसे पहले ही एक बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया। दूसरे हाफ में दोनों टीमों की ओर से कई अच्छे प्रयास हुए लेकिन गोल भी गोल नहीं कर सका। केरल के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि वह 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही दिल्ली के खिलाफ एक और गोल नहीं कर सका।

अब केरल को अपने घरेलू दर्शकों के सामने कोलकाता से भिड़ना है। कोलकाता ने पहले सेमीफाइनल में मुम्बई सिटी एफसी को 3-2 के अंतर से हराते हुए दूसरी बार फाइनल में जगह बनाया है। दूसरे चरण का सेमीफाइनल मैच गोलरहित बराबरी पर छूटा था। कोलकाता और केरल की टीमें दूसरी बार फाइनल में पहुंची हैं। 2014 में कोलकाता ने केरल को ही फाइनल में 1-0 से हराते हुए खिताब जीता था। अब देखने वाली बात यह है कि केरल की टीम उस हार का हिसाब बराबर करते हुए पहली बार खिताब पर कब्जा कर पाती है या नहीं।