कपिल ने फिर साधा केजरीवाल पर निशाना, लगाया स्वास्थ्य विभाग में घोटाले का आरोप

नई दिल्ली। कपिल मिश्रा और केजरीवाल के बीच चल रही जंग में कपिल द्वारा केजरीवाल पर लगाए जा रहे आरोपों का सिलसिला लगातार जारी है। कपिल मिश्रा ने अब केजरीवाल को लेकर स्वास्थ्य विभाग में होने वाले घोटालों का आरोप लगाया है। कपिल का आरोप है कि दवाओं को खरीदने में 300 करोड़ का घोटाला किया गया है। इतना ही नहीं अस्पतालों में दवाइयों और एंबुलेंस खरीदे जाने के साथ- साथ अधिकारियों के तबादले में भी घोटाला किया गया है जो दवाईयां अस्पतालों में भेजी चाहिए थी, वो गोदामों में सड़ रही हैं। तरुण सीम को 100 करोड़ की दवाई खरीदने की छूट दी गई।

बता दें कि कपिल मिश्रा ने केजरीवाल, तरुण सीम और सत्येंद्र जैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नियम-कानून तोड़कर 30 एमएस की नियुक्ति सत्येंद्र जैन ने की और जूनियरों को एमएस का पद दिया गया। इन मामलों में एलजी के सीधे हस्तक्षेप की जरूरत है।

दवाईयों की खरीद में घोटाला

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की किल्लत के चलते दवाईयों में घोटाला किया गया है। राजधानी के अस्पताल पिछले कई दिनों से इस कमी से जूझ रहे हैं। मिश्रा का कहना था कि केजरीवाल इस कमी की वजहों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्हें दवाईयों की किल्लत के बारे में पूरी जानकारी थी। लेकिन फिर भी उन्होंने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया।

केजरीवाल को है हड़बड़ाहट

बता दें कि कपिल मिश्रा का कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय में 3 बड़े घोटालों की जानकारी मिली है। उनके मुताबिक केजरीवाल को इन घोटालों की पूरी जानकारी है। इसीलिए उन्होंने ना तो सत्येंद्र जैन से जवाब मांगा और ना ही हेल्थ सेक्रेटरी या चीफ सेक्रेटरी को इस बारे में कोई खत लिखा है। मिश्रा का कहना था कि इसी हड़बड़ाहट में केजरीवाल अस्पतालों के दौरे कर रहे हैं।

केजरीवाल देना चाहते हैं जैन की बली

साथ ही मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के अंदर जानबूझकर सत्येंद्र जैन के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है ताकि केजरीवाल को आरोपों से बचाया जा सके और सतेंद्र जैन को फंसाकर बली का का बकरा बनाया जा सके ताकि केजरीवाल की छवि साफ हो सके उनका दावा था कि सरकारी अस्पतालों में जरूरत से ज्यादा दवाइयां खरीदे जाने के बावजूद मरीजों को किल्लत महसूस हो रही है और उन्हें वक्त पर दवाईयां मुहैया नहीं कराई गई।