‘कमल संदेश’ यात्रा पर चुनाव आयोग ने लगाया ब्रेक

लखनऊ। विधानसभा चुनावों में बाइक के जरिये लोगों तक अपनी विकास की बातें पहुंचाने की बीजेपी के प्लान फेल होता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी की ‘कमल संदेश’ अभियान के तहत मोटर साइकिल से प्रचार करने पर रोक लगा दी है। निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी जिलों में मोटरसाइकिल भेजने की इजाजत देने से मना कर दिया है।

बीजेपी प्रदेश की सभी विधानसभा में मोटरसाइकिल सवार कार्यकर्ताओं के मार्फत ‘कमल संदेश’ नाम का प्रचार अभियान चलाने की घोषणा की थी। 1650 मोटरसाइकिलें पार्टी के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को दिए जाने की योजना थी। इस अभियान के तहत कार्यकर्ता को सपा सरकार की विफलता की पोल खोलने और सपा-बसपा को एक चरित्र का बताने के साथ ही पीएम मोदी की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना था।

1650 ‘कमल संदेश’ मोटरसाइकिल सवारों के जरिए अगले डेढ़ माह में साढ़े 3 करोड़ घरों तक मोदी का संदेश भी भेजा जाना था। बाइक सवारों को हर दिन 300 घरों में भाजपा का प्रचार साहित्य बांटना था। पिछली 18 दिसम्बर को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने इस मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन ऐन मौके पर इसे स्थगित कर दिया गया था। फिर यह तय हुआ कि हर जिले को चार-चार मोटरसाइकिल दे दी जाएं। अभी यह मोटरसाइकिल कुछ जिलों तक पहुंची ही थीं कि चुनाव आचार संहिता के चलते निर्वाचन प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी।