बृहस्पति कराएगा अच्छे दिनों के दर्शन

बृहस्पति ज्योतिषीय गणनाओं में सबसे महत्वपूर्ण घटक है जो हमारे जीवन, सामाजिक उत्तर चढाव और भौगोलिक स्थिति को नियंत्रित करने में अपनी अहम भूमिका निभाता है बृहस्पति एक राशि में बारह माह अर्थात एक वर्ष रहता है और फिर रशिपरिवर्तनकर अगली राशि में प्रवेश करता है इस प्रकार संपूर्ण राशिचक्र को बृहस्पति लगभग बारह वर्ष में पूरा करता है।

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वर्तमान में बृहस्पति सिंह राशि में है जो जुलाई 2015 से सिंह राशि में गोचर कर रहा है अब आगामी 11 अगस्त को बृहस्पति सिंह से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेगा 11 अगस्त की रात 9 बजकर 18 मिन्ट पर बृहस्पति का कन्या राशिमें प्रवेश होगा और अगले बारह माह के लिए बृहस्पति कन्या राशि में गोचर करेगा।कन्या के बृहस्पति का फल –बृहस्पति के कन्या राशि में प्रवेश से पिछले सात माह से चल रहा गुरुचांडाल योग समाप्त हो जायेगा जो की सामाजिक स्थिति औरगतिविधियों के लिए बहुत शुभ संकेत है।

वर्ष 2016 के जनवरी माह से ही बृहस्पति और राहु की सिंह राशि में युति से गुरु-चांडाल योग बना हुआ था जो की ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक विध्वंशकारी योग है जिसके कारण पिछले सात महीनो में सामाजिक, राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर घमासान स्थिति बनी हुई थी आतंकवादी घटनायों का पिछले कुछ महीनो में बार बार होना, राष्ट्रिय स्तर पर चल रही असामाजिक तत्वों की बढ़त और झगड़ों की स्थिति तथा राजनैतिक स्तर पर चल रहे आपसी क्लेश गुरुचांडाल योग के कारण ही थे।

अब 11 अगस्त को बृहस्पति के कन्या राशि में प्रवेश करने पर पिछले कुछ माह से चल रही उठापटक की स्थिति समाप्त होगी तथा राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति समान्य होगी। आतंकवादी गतिविधियों और सामाजिक स्तर पर चल रहे झगड़ों में कमी आएगी। कन्या राशि का बृहस्पति बहुतसे स्तर पर शुभ परिवर्तन लाएगा इसमें विशेष बात यह के कन्या राशि व्यापार के कारक ग्रह बुध की राशि है अतः कन्या राशि में बृहस्पति आने पर पिछले लंबे समय से चल रही व्यापारिक मन्दी ख़तम होकर राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापर में तेजी आएगी और ट्रेडिंग में ग्रोथ होगी व्यापारियों का लाभ बढ़ेगा।कन्या राशि का बृहस्पति “भारत” की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा स्वतंत्र भारत की कुंडली वृष लग्न की है जिसमे बृहस्पति पंचम भाव में प्रवेश करेगा और भारत की राशि धनु से बृहस्पति दसवी राशि में आएगा दोनों ही दृष्टिकोण से यह बहुत शुभ है अतः कन्या राशि का बृहस्पति भारत में आर्थिक उन्नति कराएगा, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, प्रधानमंत्री द्वारा चलाई गयीं राष्ट्रिय विकास की योजनाएं आगे बढ़ेंगी।

कन्या के बृहस्पति का राशिवार फल –

11 अगस्त से कन्या राशि में बृहस्पति के गोचर का बारह राशियों पर प्रभाव देखें तो वृष, सिंह, वृश्चिक, मकर और मीन राशिके लिए बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन शुभ फलकारी है। मेष, कर्क, कन्या और धनु राशि के लिए मध्यम है तथा मिथुन, तुला और कुम्भ राशि के लिए संघर्षकारी है।

मेष राशि – कार्यों में संघर्ष बढ़ेगा, विरोधियों के कारण समस्याएं होंगी, स्वास्थ में उतार-चढ़ाव रहेगा।

वृष राशि – लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद कम होंगे, आर्थिक लाभ बढ़ेगा, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

मिथुन राशि – पारिवारिक और जमीन जायदात से जुड़े विवाद बढ़ेंगे परंतु आजीविका के लिए अच्छा है करियर में उन्नति होगी।

कर्क राशि – संघर्ष के बाद कार्य सफल होंगे, आय के स्त्रोत बढ़ेंगे, बड़े भाई बहन से सहायता मिलेगी।

सिंह राशि – धन वृद्धि होगी, कुटुम्बी जनो से स्नेह बढ़ेगा, आजीविका में उन्नति होगी।

कन्या राशि – चल रहे अनचाहे खर्चों में कमी आएगी, भाग्य में वृद्धि होगी, वैवाहिक जीवन में अच्छे परिवर्तन होंगे।

तुला राशि – धन व्यय होगा और अनचाहे खर्चे बढ़ेंगे, आर्थिक लेनदेन में सावधानी बरतें।

वृश्चिक राशि – आर्थिक लाभ बढ़ेगा, करियर में चल रही समस्याएं कम होंगी, संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा।

धनु राशि – चल रही बाधायें समाप्त होंगी, संपत्ति का लाभ होगा, परिवार में रिश्ते मजबूत बनेंगे।

मकर राशि – चल रहीं स्वास्थ समस्याएं कम होंगी, भाग्योदय होगा, पराक्रम बढ़ेगा, संतान का सहयोग मिलेगा।

कुम्भ राशि – संघर्ष बढ़ेगा, स्वास्थ समस्याएं परेशान करेंगी, स्वास्थ समस्याओं में धन व्यय होगा।

मीन राशि – चल रहे विवाद समाप्त होंगे, आत्मविश्वास बढ़ेगा, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, वैवाहिक रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

अपनी राशि से बृहस्पति अनिष्ट होने पर ये उपाय करें: –

1. ॐ बृम बृहस्पते नमः का प्रतिदिन एक माला जाप करें।
2. बृहस्पतिवार को चने की दाल दान करें।
3. बृहस्पतिवार को बेसन के लड़डू गाय को खिलाएं।
4. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

IIश्री हनुमंते नमःII
बृहस्पति कन्या राशि में आने से व्यापार बढ़ेगा