छुट्टियों में काम करेंगे जज तो हो सकता है ऐसा…

इलाहाबाद। देश के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की 150वें सालगिरह के मौके पर आयोजित समारोह में कहा कि हर जज छुट्टियों में पांच दिन काम करे तो 25 से 30 मुकदमें निपट जाएं। उन्होंने कहा कि क्या सभी जज छुट्टियों में पांच दिन देने को तैयार हैं। ऐसा करने से लम्बित मुकदमों का निस्तारण हो सकता है। पांच, सात, दस दिन की छुट्टियों में हजारों फैसले हो सकते हैं। इसके साथ ही वैवाहिक विवाद मध्यस्थता से सुलझाये जा सकते हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की 150वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित समारोह में बोलते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इण्डिया ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कुम्भ मेले जैसे आयोजन इलाहाबाद में होते हैं। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला, स्वतंत्रता संग्राम, हाईकोर्ट इलाहाबाद से जुड़ा है। इलाहाबाद का ऐतिहासिक और राजनैतिक महत्व है। जमींदारी प्रथा उन्मूलन जैसे अहम फैसले हाईकोर्ट ने दिए। इलाहाबाद में प्रयाग संगीत समिति है। लोहिया, जयप्रकाश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले हाईकोर्ट ने दिए। पण्डित जवाहर लाल नेहरू समेत कई विभूतियों का स्थान रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट का गौरवशाली इतिहास रहा है।

न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने कहा कि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को पांच मुख्य न्यायाधीश दिए। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट को 20 न्यायाधीश भी दिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सात लाख मुकदमे लम्बित हैं। हाईकोर्ट की लखनऊ बेन्च में दो लाख मुकदमें लम्बित हैं। उन्होंने जजों की संख्या और लम्बित मुकदमें पर चिन्ता जताते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण मामला है। लम्बित वादों के लिए जजों को आगे आना होगा।

न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने कहा कि अदालतों को पेपरलेस करने का काम चल रहा है। हाईकोर्ट से केस की फाइल सुप्रीम कोर्ट टेक्नोलॉजी से जायेगी। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए सभी को काम करना होगा। तीन तलाक, असम में बांग्लादेशियों का अहम मामला है।