जम्मू-कश्मीर में खुली हुर्रियत नेताओं के इरादों की पोल

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी हुर्रियत नेताओं पर किए गए स्टिग ऑपरेशन ने सभी अलगाववादी नेताओं को बेनकाब कर दिया है। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हुर्रियत नेताओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। स्टिंग में साफ हुआ था कि घाटी में पत्थरबाजी के लिए हुर्रियत को पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों और ISI से फंडिंग होती है। इस सिलसिले में जब सैयद अली शाह गिलानी, नईम खान सहित कई हुर्रियत नेताओं की पड़ताल शुरू कर दी है।

बता दें कि तहकीकात में पत्थरबाजों के धूर्त फाइनेंसर्स को बेनकाब किया था। इस स्टिंग में हुर्रियत के गिलानी धड़े का प्रांतीय अध्यक्ष नईम खान पत्थरबाजों के लिए ISI से पैसे लेने की बात कबूलते कैमरे में कैद हुआ था। दरअसल नईम खान से इंडिया टुडे की विशेष जांच टीम के अंडरकवर रिपोर्टर्स ने संपर्क साधा और खुद को काल्पनिक धनकुबेर बताते हुए कश्मीर के अलगाववादियों को फंडिंग की इच्छा जताई। इस पर फिर नईम चोरी छुपे ढंग से अंडरकवर रिपोर्टर्स से मिलने दिल्ली तक पहुंच गया। नईम ने जो खुलासे किए वो चौंकाने वाले थे।

वहीं नईम खान कैमरे में ये कहते हुए कैद किया गाय कि ‘पाकिस्तान पिछले 6 साल से कश्मीर में बड़ा प्रदर्शन खड़ा करने के लिए हाथ-पैर मार रहा है। घाटी में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए किस स्तर पर पैसा धकेला जा रहा है, इस पर नईम खान ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाला पैसा सैकड़ों करोड़ से ज्यादा है, लेकिन हम और ज्यादा की उम्मीद करते हैं। हुर्रियत नेता ने ये भी साफ किया कि किस तरह इस्लामाबाद काले धन की धुलाई को भी अंजाम दे रहा है। ऑन रिकॉर्ड किसी भी कश्मीरी अलगाववादी नेता ने पहली बार ये खुलासा किया है।

इस खुलासे में घाटी की सियासत को हवा देने का काम किया है। मामले में पीडीपी सरकार में मंत्री हसीब दराबू का कहना है कि इस खुलासे से पता चलता है कि किस तरह स्कूलों को जलाने के लिए पैसे का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस स्टिंग को देखा है और आने वाले दिनों में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूबे के वित्तमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी मामले की जांच कर रही है।