मथुरा हाईवे पर महाआंदोलन करेंगे भरतपुर धौलपुर के जाट

जयपुर। भारत के बहुत से राज्यों के जनपदों मे जाट राजा और महाराजा हुआ करते थे, पर राजस्थान में बस दो ही जिले ऐसे है जहाँ जाट राजा हुआ करते थे। भरतपुर-धौलपुर के जाटों को अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन अब आग का गोला बनता जा रहा है। जाट समाज के लोगों ने बुधवार को

NH-11 पर महापंचायत कर गुरूवार को मथुरा हाईवे पर प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की।

जाट आरक्षण समिति के संयोजक नेम सिंह ने कहा कि हरियाणा के जाट आंदोलन के समय भरतपुर और धौलपुर के जाटों ने भी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन किया था। उस समय राजस्थान सरकार ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब एक वर्ष से अधिक समय हो गया राज्य सरकार अपने वादे को पूरा नहीं कर रही है।

लेकिन जाटो का कहना है कि सरकार को आंदोलन की भाषा के अलाव और कोई भी भाषा नहीं समझ आती, हम अपने लिए कोसी की भी कुर्बानी दे और ले भी सकते है। उन्होंने कहा कि गुरूवार से मथुरा हाइवे पर शुरू होने वाले माहा आंनदोलन के समय कोई भी नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। बुधवार को हुई महासभा के बाद जाट समाज के लोग अलग-अलग गांवों के लिए निकल गए और लोगों को महाआंदोलन का आमंत्रित दिया।

जयपुर में बस दो ही जिले ऐसे है जहाँ जाट राजा हुआ करते थे। सरकार ने प्रदेश के अन्य राज्यों के जाट समाज को आरक्षण देते समय धौलपुर एवं भरतपुर के जाटों को अन्य जाटों को आरक्षण से अलग इसलिए रखा था क्योंकि यहां जाट आर्थिक रूप से ठीक माने जाते है। वहीं राज्य में ये दो ही जिले ऐसे है जहां पहले जाट राजा हुआ करते थे।