6 साल के बच्चे के पेट में मिला अविकसित भ्रूण

वाराणसी। महिलाओं को ‘जननी’ कहा जाता है, जिसका अर्थ कि उनके शरीर की संरचना इस प्रकार की होती है जिससे वो गर्भ धारण कर सकती हैं और बच्चे को जन्म दे सकती हैं, आपने शायद यह भी सुना हो कि विदेशो में पुरुषों में कृतिम गर्भधारण भी होता है। पर आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं वह खबर आपको चौंका देगी, क्या आपने कभी 6 साल के बच्चे के पेट में भ्रूण के अंश पाए गए हैं ऐसा सुना है। यकनीन आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे हो सकता है, पर आपको बता दें यह एक सच्ची घटना है जिसमें छः साल के एक बच्चे के पेट से अविकसित भ्रूण निकला है।

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उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी के ककरमत्ता स्थित एक निजी अस्पताल में तब सामने आया जब एक बच्चे को पेट दर्द की शिकायत के बाद इलाज के लिए लाया गया था। जिसके बाद डॉक्टरों ने पेट में गांठ होने की बात कहकर बच्चे के परिवारवालों को ऑपरेशन की सलाह दी, मगर ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने पाया कि जिसे वे गांठ समझ रहे थे वह एक अविकसित भ्रूण है।सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के अनुसार डॉक्टर ने दावा किया है कि बच्चे के पेट से निकले भ्रूण में अविकसित सिर, हाथ और रीढ़ मौजूद है। आपको बता दें कि इस तरह के करीब सौ केस दुनियाभर में अब तक सामने आए हैं, भारत में भी ऐसे दस केस सामने आ चुके हैं।

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एके कौशिक ने बताया कि इस तरह के मामले पांच लाख में एक पाया जाता है। यह अनोखा मामला है, उनका कहना है कि ये भूण बच्चे के जन्म के साथ ही उसके पेट में था जो धीरे-धीरे विकसित हो रहा था। डॉक्टर का दावा है कि इस बच्चे के पेट में लगातार भ्रूण का विकास होता जा रहा था। डॉक्टर के अनुसार, मां के गर्भ में कभी-कभी दो बच्चों का भ्रूण होता है, ऐसे में हो सकता है कि एक भ्रूण का विकास तो हो जाता है लेकिन दूसरे भ्रूण का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता है। ऐसे में विकसित भ्रूण के शरीर में दूसरे अविकसित भूण का ट्रांसफर हो जाता है जो धीरे-धीरे बच्चे के साथ भ्रूण का भी विकास होता जाता है।