बांग्लादेश के इस्कॉन मंदिर में हमला, 10 घायल

सिल्हट। बांग्लादेश के पूर्वोत्तर में स्थित महानगर सिल्हट में एक इस्कॉन मंदिर के पुजारियों और नजदीक ही स्थित मस्जिद के मुस्लिम श्रद्धालुओं के बीच हुई झड़प में कम से कम 10 व्यक्ति घायल हो गए। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक विवाद कथित तौर पर किसी भूमि को लेकर हुआ। शुक्रवार को हुए इस हिंसक विवाद में जख्मी हुए लोगों में पूर्व पार्षद जेबुन्नाहर शिरीन और इस्कॉन मंदिर में सेवारत राजेंद्र केशव दास भी शामिल हैं।

attack on iscon temple

समाचार पत्र ‘ढाका ट्रिब्यून’ ने सिल्हट के अतिरिक्त महानगर पुलिस आयुक्त एस. एम. रोकन उद्दीन के हवाले से कहा है कि जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर अधिकारियों से भजन को बजाने से बंद किए जाने की शिकायत पर यह झड़प हुई। रोकन उद्दीन ने कहा, मुस्लिम श्रद्धालु जुमे की नमाज से पहले इस्कॉन मंदिर गए और मंदिर के अधिकारियों से नमाज के दौरान भजन को बंद करने का अनुरोध किया। हालांकि जब इसके बाद भी भजन बंद नहीं हुए तो नमाज के बाद मुस्लिम श्रद्धालु दोबारा मंदिर गए, जिससे वाद-विवाद शुरू हो गया।

विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से हुए पथराव में 10 लोग जख्मी हो गए। हालांकि इस्कॉन मंदिर के प्रधान पुजारी नवद्वीप द्विज गौरंग दास ब्रह्मचारी का कहना है कि झगड़ा भूमि विवाद के चलते हुआ। समाचार पत्र ‘डेली स्टार’ ने गौरंग दास के हवाले से कहा, इस्कॉन मंदिर की जमीन हड़पने वाले कुछ स्थानीय लोगों द्वारा नजदीकी मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान माइक्रोफोन का इस्तेमाल किए जाने से मुस्लिम श्रद्धालु भड़के और हमला कर बैठे। हम पर हमला हुआ है और हमें न्याय चाहिए। जब तक न्याय नहीं होता हम विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे।

पुलिस तुरंत ही मौका-ए-वारदात पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के 15 गोले छोड़े तथा रबर की गोलियां चलाईं, जिसमें वहां से पैदल गुजर रहे छह व्यक्ति घायल हो गए। अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू पुजारियों और श्रद्धालुओं पर हमले बढ़े हैं। इसी वर्ष फरवरी में उत्तरी बांग्लादेश में एक हिंदू पुजारी जोगेश्वर राय की मंदिर के अंदर सिर काटकर हत्या कर दी गई थी।