सहरी छोड़ आतंकियों को मारने के लिए 300 किलोमीटर दूर कैंप पहुंचे थे इकबाल

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में चार आतंकी ढेर कर दिए यो आतंकी सम्बल में स्थित सीआरपीएफ कैंप में घुसने की कोशिश कर रहे थे। आतंकियों की इस नापाक कोशिश को नाकाम करने में सीआरपीएफ कमांडेंट इकबाल अहमद का बहुत बड़ा योगदान है।

बता दें कि जिस वक्त इकबाल रोज़ा रखने के लिए सेहरी करने के लिए उठे उसी वक्त उन्हें अपने वायरलेस पर सीमा में आतंकियों के होने की खबर मिली। जैसे ही इकबाल को ये खबर मिली उन्होंने खाना वहीं छोड़ दिया और तुरंत अपनी बंदूक उठाकर कैंप की तरफ दौड़ पड़े। कैंप पहुंचते ही इकबाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर चारों आतंकियों को मार गिराया।

जिस वक्त कैंप पर हमला किया गया उस वक्त इकबाल कैंप से 300 किलो मीटर की दूरी पर थे। जैसै रही आतंकी कैंप में घुसने की कोशिश करने लगे वैसे ही गार्ड ने उनपर फाइरिंग शुरू कर दी और वायरलेस पर सुचना दे दी। सुचना मिलते ही इकबाल कैंप पहुंच गए और जब तक आतंकियों को मार नहीं गिराया वहीं मौजूद रहे।

इस ऑपरेशन के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों की तारीफ की थी राजनाथ सिंह ने कहा कि इस नापाक कोशिश को नाकाम करने में सीआरपीएफ कामचेंट इकबाल ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसके अलावा राजनाथ ने कंपनी कमांडर शंकरलाल जाट और पंकज हल्लू के अलावा गार्ड कमांडर पंकज कुमार की भी तारीफ करते हुए कांस्टेबल दिनेश राजा और प्रफुल्ल कुमार की बहादुरी को भी सराहा।