बसपा में अंतरकलह, आपस में भिड़ गए कार्यकर्ता, नेताओं के फूंके पुतले

मेरठ। विधान सभा में कड़ी हार के बाद बहुजन समाज पार्टी में अंतरकलह शुरू हो गई है, आज मेरठ में बसपा के समर्थको में जमकर टकराव हुआ, अलग अलग नेताओ के समर्थक भीड़ गए, और लाठी डंडो से एक दूसरे पर वार करने लगे। इतना ही नहीं, गुस्साए बसपाइयों ने अपने वरिष्ठ नेता अतर सिंह राव और नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी पर कार्यकर्ताओ और नेताओ से पैसे लेने का आरोप लगाते हुए पुतला फूंक डाला, सबसे बड़ी बात ये कि अधिकारियों के ऑफिस के पास घंटो तक टकराव की स्थिति बनी रही, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल इस घटना से निपटने के लिए नहीं लगाया गया।

बता दें कि भाजपा से करारी हार के बाद मेरठ में बसपा के नेता और उनके समर्थक आपस में भिड़ते दिखाई दे रहे है, एकदूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ा जा रहा है, जहां कुछदिनों पूर्व बसपा कार्यालय पर नसीमुद्दीन और अतरसिंह राव का पुतला फूंका गया था, जिसमें योगेश वर्मा और प्रशांत गौतम के समर्थक आपस में भिड़ गए थे, कई नेताओ पर कर्यवाही की गई। बसपा सुप्रीमो के आदेश पर जगह जगह ई वी एम मशीनों का विरोध हो रहा है।

आज मेरठ कमिश्नरी स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में भी बसपा का ईवीएम हटाओ प्रदर्शन था, जहां कार्यकर्ताओ ने ई वीएम मशीन का पुतला फूंका, धरना चल ही रहा था कि दूसरी तरफ अम्बेडकर चौराहे पर प्रशांत गौतम के साथ बसपा के सैकड़ो समर्थको ने नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए पुतला फूंक दिया। इसकी जानकारी जैसे ही धरना दे रहे बीएसपी नेताओं और कार्यकर्ताओ को चली तो, योगेश वर्मा अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और लाठी डंडो से प्रशांत गौतम के समर्थको को खदेड़ दिया।

एलआईयू और पुलिस विभाग को पहले से ही पता था कि बसपा के समर्थको में आपसी टकराव हो सकता है, ऐसे में पुलिस बल की संख्या बढ़कर मुस्तैद की जानी थी, लेकिन हंगामा और टकराव तक गिने चुने पुलिसकर्मी ही मौके पर नज़र आ रहे थे, अगर विवाद ज्यादा बढ़ जाता तो पुलिस विवाद को कंट्रोल तो छोड़ो, खुद भी नहीं बच पाती।

 -शानू भारती, संवाददाता मेरठ