महंगाई की मार हुई गहरी, थोक मूल्य सूचकांक में आया उछाल

नई दिल्ली। मासिक थोक मूल्‍य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्‍फीति की वार्षिक दर अक्‍तूबर के दौरान 3.59 फीसदी रही, जबकि इससे पिछले महीने यह 2.60 फीसदी थी। पिछले वर्ष के इसी महीने में यह 1.27 प्रतिशत रही थी। वित्‍त वर्ष में अब तक क्रमिक वृद्धि के साथ मुद्रास्‍फीति दर 2.03 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में क्रमिक वृद्धि के साथ मुद्रास्‍फीति दर 3.53 प्रतिशत थी।

inflation rises
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बता दें कि प्राथमिक वस्तुएं वाले प्रमुख समूह का सूचकांक पिछले महीने के 133.4 अंक से 2 प्रतिशत बढ़कर 130.8 अंक हो गया।खाद्य उत्‍पाद’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 144.8 अंक से 2.2 प्रतिशत बढ़कर 148.0 अंक हो गया। ऐसा फल एवं सब्जियों (9%), चाय (5%), पोल्ट्री चिकन (3%), अंडे (2%) और चटनी व मसाले, जौ तथा धान (प्रत्‍येक 1%) के दाम बढ़ने के कारण संभव हुआ। हालांकि पान के पत्ते (9%), रागी (7%), चना और बाजरा (प्रत्‍येक 5%), अरहर (4 %), मसूर और ज्वार (प्रत्येक 3%), सूअर का मांस (2%) और मूंग, उड़द, राजमा, मक्का एवं कॉफी (प्रत्येक 1%) के दाम घट गए।

वहीं ‘गैर-खाद्य पदार्थ’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 120.3 अंक से 0.9 प्रतिशत घटकर 119.2 अंक रह गया। ऐसा कच्चा कपास (5%), चारा, मेस्‍ता, बिनौले (प्रत्येक 3%), कच्चे रबर, कुसुम (कार्डी बीज) और अरंडी के बीज (प्रत्येक 2%), हाइड्स (कच्‍चा), कच्‍चा जूट, तिल के बीज, ग्‍वार बीज, मूंगफली के बीज (प्रत्‍येक 1%) के दाम घटने के कारण संभव हुआ। हालांकि पुष्‍पकृषि (8%), कच्चे ऊन और कच्‍चा सिल्‍क (प्रत्येक 2%) एवं सोयाबीन, सूरजमुखी, कोपरा (नारियल), नाइजर बीज तथा कॉयर फाइबर (प्रत्येक 1%) के दाम बढ़ गए।

साथ ही ‘खनिज’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 119.5 अंक से 1.1 प्रतिशत बढ़कर 120.1 अंक हो गया। ऐसा सिलीमेनाइट (14%), सीसा सांद्र (6%), तांबा सांद्र और जस्ता सांद्र (प्रत्‍येक 3%), मैंगनीज अयस्क और बॉक्‍साइट (प्रत्‍येक 2%) एवं फॉस्‍फोराइट (1%) के दाम बढ़ने के कारण हुआ। वहीं, दूसरी ओर चूना पत्‍थर (5%) और क्रोमाइट (2%) की कीमतें घट गईं।