भारतीय मूल के डॉक्टर वरधकर होंगे आयरलैंड के पहले समलैंगिल प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। भारतीय मूल के डॉक्टर लीयो वरधकर अब आयरलैंड के प्रधानमंत्री ताओसीच पद की कमान संभालंगे। लीयो वरधकर ने सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व के चुनाव में शानदार जीत हासिल कर ली है। वो देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।

बता दें कि लीयो वरधकर एक समलैंगिक हैं। वरधकर ने 2015 में अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक तौर पर कही थी। फाइन गेल पार्टी के नेतृत्व में वरधकर ने उन्हें जीत हासिल की। वरधकर इस माह के अंत में आधिकारिक तौर पर ताओसीच का पदभार संभालेंगे। बता दें कि आयरलैंड में प्रधानमंत्री के पद को ताओसीच कहा जाता है। वरधकर ने 60 फीसदी वोट लेकर अपने प्रतिद्वंद्वी और हाउसिंग मिनिस्टर साइमन कोवेनी को हराया।

इन्हें डबलिन के मेनशन हाउस में मतगणना के बाद उन्हें पार्टी का 11वां नेता घोषित किया गया। वरधकर यूरोप के सबसे रूढ़िवादी देश माने जाने वाले आयरलैंड में उदारवादी चेहरा बनकर उभरे हैं। हालांकि उन्हें श्रमिक अधिकारों और प्रगतिशील मुद्दों पर अपने विचारों को लेकर आलोचना का सामना भी करना पड़ा है।

परिवार ने मनाया वरधकर की जीत का जश्न

बता दें कि चुनाव से पहले किए गए सर्वे में भी लीयो वरधकर को भारी मतों से लोगों का समर्थन मिला था। वरधकर की जीत का भारत में उसके परिवार ने भी जश्न मनाया। मुंबई मे उनकी रिश्तेदार शुभदा ने मीडिया से कहा, कि हम इस खबर से काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि हम अभियान और मतगणना पर नजर बनाए हुए थे। परिणाम की घोषणा होते ही हमने केक काटा और उनकी सफलता का जश्न मनाया। उन्होंने कहा, कि अभी में आयरलैंड जाने का निर्णय नहीं लिया है, लेकिन मैं जल्द से जल्द उनसे मुलाकात करने के लिए आयरलैंड जाऊंगी।