देखिए तेजस की तेज रफ्तार, स्वदेश निर्मित विमान की पहली उड़ान

बेंगलुरू/नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने यहां शुक्रवार को अपने दस्ते ‘फ्लाइंग डैगर्स 45’ में दो स्वेदशी हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ को शामिल कर लिया।

 

देश में ही बहुद्देशीय लड़ाकू विमान निर्मित करने की परियोजना को मंजूरी दिए जाने के 33 वर्षों बाद तेजस को विकसित किया जा सका है।

तेजस चार टन वजनी हथियार एवं हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और लैजर निर्देशित बम ढोने में समर्थ है। यह नवीनतम सैटलाइट-एडेड इनर्शल नैविगेशन प्रणाली से लैस है। इसमें एक डिजिटल कंप्यूटर आधारित घात प्रणाली एवं एक ऑटोपायलट भी है।

तेजस दुनिया में अपनी तरह का पहला लड़ाकू विमान है, जिसे सरकारी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने डिजाइन एवं विकसित किया है, जबकि इसे तैयार एचएएल ने अपने बेंगलुरू परिसर में किया है।