सिक्किम बॉर्डर के बीच चल रही तनातनी के दौरान भारत, अमेरिका और जापान का युद्ध अभ्यास

नई दिल्ली। चीन के साथ सिक्किम बॉर्डर पर चल रही तनातनी के बीच सोमवार को भारत ने जापान और अमेरिका के साथ मिलकर हिंद महासागर में नौसैन्य युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। यह अभ्यास 10 जुलाई से लेकर 17 जुलाई तक चलेगा। चेन्नई तट से लेकर बंगाल की खाड़ी तक चलने वाले इस अभ्यास में 20 जंगी जहाज, दर्जनों फाइटर जेट्स, 2 सबमरीन, टोही विमान हिस्सा लेंगे।

चीन की विस्तावादी नीति और उसके चलते विवादित दक्षिणी चीन सागर में उसके बढ़ते कदमों को देखते हुए हिंद महासागर में भारत, अमेरिका और जापान की नौसेनाओं का युद्धाभ्यास सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अभ्यास के बारे में रक्षा मंत्रालय का कहना है, ‘1992 में भारत और अमेरिकी नौसेनाओं के बीच शुरू हुई मलाबार अभ्यास श्रृंखला में जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल (जेएमएसडीएफ) की भागीदारी के साथ इस बहुआयामी अभ्यास के दायरे, जटिलता और भागीदारी में लगातार विस्तार हो रहा है।
मालाबार में भारत, अमेरिका और जापान के संयुक्त युद्धाभ्यास से चीन घबराहट में है। चीन के एक अंग्रेजी अखबार ने ‘मालाबार युद्धभ्यास’ पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए कहा है कि यह युद्धाभ्यास चीन की सुरक्षा के लिए खतरा है। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को भारत से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें इस युद्धभ्यास पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है लेकिन उन्हें आशा है कि यह सब क्षेत्र की शांति के लिए होगा।

भारत की ओर से इस अभ्यास का सबसे बड़ा आकर्षण होगा। एयरक्राफ्ट कैरियर आइएनएस विक्रमादित्य, 2013 में नेवी शामिल किए जाने के बाद मिग-29 फाइटर जेट्स से लैस आईएनएस विक्रमादित्य इस तरह के पूर्ण सैन्य अभ्यास में पहली बार शामिल हो रहा है। वहीं अमेरिकी बेड़े में एक लाख टन वजनी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज, न्यूक्लियर पावर से चलने वाला यूएसएस निमित्ज, एफए-18 फाइटर जेट्स शामिल है। जापान के जंगी बेड़े पर नजर डाले तो 27 हजार टन वजनी हेलिकॉप्टर कैरियर इजुमो, हेलीकॉप्टर कैरियर इजुमो, जेएस साजानामी शामिल है।