भारत ने रचा एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इतिहास

नई दिल्ली। मेजबान भारत ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में संपन्न हुए 22वें एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 12 स्वर्ण, पांच रजत और 12 कांस्य (29 पदक) पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। भारतीय दल ने प्रतियोगिता के चौथे और अंतिम दिन अपना वर्चस्व जारी रखते हुए पांच स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक जीता और पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। चीन 20 पदकों (आठ स्वर्ण, सात रजत और पांच कांस्य) के साथ दूसरे और कजाकिस्तान 8 पदकों (चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, ईरान पांच पदकों (चार स्वर्ण और एक कांस्य) के साथ चौथे स्थान पर रहा।

बता दे कि भारत के लिए महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में निर्मला श्योराण और पुरूषों की 400 मीटर दौड़ में मुहम्मद अनस ने स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में राजीव अरोकिया ने रजत पदक जीता, जबकि महिलाओं में जिस्ना मैथ्यू ने कांस्य पदक जीता। महिलाओं और पुरूषों की 1500 मीटर दौड़ में पीयू चित्र और अजय कुमार सरोज ने स्वर्ण जीता तो 100 मीटर दौड़ में महिला धाविका दुती चंद ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पुरूष शॉटपुट में तेजेंदर पाल सिंह ने 19.77 मी. से रजत पदक जीता।

वहीं मनप्रीत कौर ने महिलाओं की गोला फैंक स्पर्धा में 18.28 मीटर गोला फेंक कर स्वर्ण पदक हासिल किया। लंबी दूरी के धावक जी. लक्ष्मणन ने 5000 मीटर की दौड़ 14 मिनट 54.48 सैकेंड में पूरी करके पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा लक्ष्मणन ने 10000 मीटर रन में 29:55.87 समय के साथ अपना दूसरा स्वर्ण जीता। इस प्रतियोगिता का रजत भी भारत के नाम रहा। भारत के गोपी थोनकाल ने 29:58.89 समय के साथ रजत पदक जीता।

साथ ही इसके अलावा वी. नीना और नयन जेम्स ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत और कांस्य पदक जीता। वहीं, विकास गौड़ा, संजीवनी यादव, अनु रानी ने क्रमश: पुरुषों के चक्का फैंक, महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ और भाला फैंक में कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय युवा भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने 85.23मीटर भाला फेंक कर स्वर्ण पर कब्जा जमाया। महिलाओं की 800 मीटर स्पर्धा में भारत की अर्चना यादव ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। भारत के एक और धावक जिनसॉन जॉनसन ने पुरुषों के 800 मीटर वर्ग में कांस्य पदक जीता। इस प्रतियोगिता में भारत ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से न सिर्फ इतिहास रचा बल्कि एशिया में अपना लोहा भी मनवाया।