मेरठ में स्वाइन फ्लू का बढ़ता क़हर

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू का कहर लगातार जारी है। स्वाइन फ्लू से मेरठ में एक और महिला पीड़ित की मौत हो गई। जिसके बाद अब स्वाइन फ्लू से मरने वालो की संख्या 3 हो चुकी है। जबकि अभी भी इससे 21 लोग पीड़ित है, जिनका इलाज विभिन अस्पतलों में चल रहा है। 14 मरीज केवल मेरठ के ही है जबकि 7 मरीज आस-पास जिलों के है। स्वाइन फ्लू के इस प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास पर्याप्त डोज़ है, लेकिन काफी संख्या में मरीज पीड़ित है और लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ऐसे में इतनी डोज़ कहा से आएगी तथा मरीजों की हूरती कैसे होगी।

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स्वाइन फ्लू ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों की जान लेनी शुरू कर दी है। अभी तक 3 लोग मौत के मुंह में समा चुके है, जबकि 21 लोग अभी भी इससे जूझ रहे है। मेरठ में स्वाइन फ्लू के लगातार रोगी मिलते जा रहे है, अभी तक स्वाइन फ्लू के रोगियों की संख्या केवल मेरठ में ही 14 पहुंच गई। जबकि आसपस के जिलों से भी 7 पीड़ित सामने आए है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों का उपचार कराया जा रहा है। हलाकि इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे दावों की कलई खुल रही है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों के परिवारों के सदस्यों को टेमी फ्लू दे रहे है। साथ ही आसपास के इलाकों में लोगों की जांच कराई जा रही है। सीएमओ ने स्वाइन फ्लू वार्ड में रोगीयों के उपचार के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश जारी किए हुए है। साथ ही कहा की बुखार के रोगियों को गंभीरता से लें और जांच कराते हुए उपचार कराएं।

 

वहीं डॉक्टरों की मानें तो स्वाइन फ्लू वायरस को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। इस वायरस से बचने के लिए क्रॉनिक बीमारियों से बीमार, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले, सर्दी-जुकाम से पीड़ित बच्चे और बुजुर्गों को विशेष तौर से सावधानी बरतने की जरूरत है। उनकी माने तो सार्वजनिक स्थलों पर छींकते-खांसते समय मुंह पर रुमाल जरूर रखें। सर्दी-जुकाम से पीड़ित या संभावित लक्षणों वाले लोगों को सावर्जनिक या भीड़ वाले स्थान पर जाने से पहले नाक और मुंह जरूर ढंक लें।