बेटियों के लिए चलाए जा रहे अभियान में आदर्श नगर ने मारी बाजी

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने प्रदेश को बेटी बचाओ अभियान के तहत राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। सराफ ने बताया कि बेटी बचाओ अभियान में राजस्थान ने देशभर में आदर्श के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री राजश्री योजना, मुखबिर योजना, नियमित निरीक्षण, डिकाय कार्रवाई जैसे ठोस कदमों के सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 06 वर्ष तक की आयु के प्रति हजार बालकों की तुलना में बालिकाओं की संख्या मात्र 888 थी। उन्होंने बताया कि पीसीटीएस में दर्ज आंकड़ों के अनुसार जन्म पर लिंगानुपात 2016 में बढ़कर 939 होना उल्लेखनीय उपलब्धि है।

कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम के लिए उठाए सख्त कदम चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में लिंग चयन करने वाले सोनोग्राफी केन्दों पर लगाम कसने के लिए अब तक 10 इंटर स्टेट सहित कुल 60 डिकाय कार्रवाई की जा चुकी हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 30 सफल डिकाय आपरेशन को अंजाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत प्रदेशभर में अब तक 10 हजार 625 निरीक्षण कर निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 475 सोनोग्राफी मशीनें सीजए 194 केन्द्रों के रजिस्ट्रेशन निलम्बित एवं 419 केंद्रों के रजिस्ट्रेशन निरस्त किए गये हैं। उल्लेखनीय है कि न्यायालय में पेश 641 मामलों में से 145 परिवादों में अपराधियों को सजा भी सुनायी जा चुकी है।
चिकित्सा राज्यमंत्री बन्शीधर खन्डेला ने बताया कि राज्य पीसीपीएनडीटी दल एक मिशन के रूप में बेटी बचाओ अभियान में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी केन्द्रों पर निगरानी के लिए एक्टिव ट्रेकर, जीपीएस सिस्टम, इम्पैक्ट साफ्टवेयर एवं सूचना-शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर 104,108 एवं डिकाय कार्रवाई जैसे नवाचारों से कन्या भ्रूण हत्या के मामलों में काफी हद तक रोक लगी है।