यूपी चुनावः दूसरे चरण में इन दिग्गजों पर लगा है दांव

लखनऊ। यूपी में पहले चरण के लिए मतदान हो चुका है इस बार मतदाता पहले से ज्यादा जागरूक दिख रहे हैं। तभी पहले चरण के मतदान में ज्यादातर लोग अपने घरों से निकलें और मतदान का प्रयोग किया। पहले चरण के मतदान के बाद बारी आती है दूसरे चरण के मतदान की। यूपी चुनाव के दूसरे चरण में 11 जिलों की 67 विधानसभा सीटों पर 15 फरवरी को मतदान होने वाले हैं।

दूसरे चऱण के मतदान के लिए चुनावी शोर तो खत्म हो गया है लेकिन अब ये जानना बेहद जरूरी हो गया है कि आखिरकार दूसरे चरण में किन दिग्गजों की शाख दांव पर लगी हुई है। तो चलिए नजर डालते हैं दूसरे चरण के चुनावी दिग्गजों के बारे में…

आजम खान

समाजवादी पार्टी के रसूख वाले नेताओं में गिने जाने आजम खान एक बार फिर से रामपुर से मैदान में है। आजम खान समाजवादी पार्टी में तो बड़ा चेहरा माने ही जाते हैं लेकिन उन्हें एक मुस्लिम चेहरे के रूप में भी देखा जाता है। आजम खान सपा के उन मुस्लिम नेताओं में सबसे ऊपर आते हैं जो मतदाताओं को अपनी तरफ खींचना जानते हैं।

अब इसे आजम की शख्सियत का अंदाज कहें या फिर कुछ और रामपुर के लोग भी कभी आजम खान को निराश नहीं करते हैं और समाजवादी पार्टी उन्हें यहां से आंखें बंद करके मैदान में उतारती है। चाहे मुलायम का जामाना हो या फिर अखिलेश का दोनों में ही आजम खान एक अलग पहचान लेकर उभरे हैं। इतना ही नहीं 1989 से लेकर अबतक जब भी प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, उसमें आजमा खां कैबिनेट मंत्री जरूर बनाए गए।

जिनमें कैबिनेट मंत्री आजम खान, पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान, आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद और कांग्रेस के इमरान मसूद शामिल हैं।

राजनीति की पिच पर चेतन चौहान

क्रिकेट की पिच से राजनीति के मैदान में उतर रहे राजनेताओं में शुमार हो चुके चेतन चौहान इस बार चुनावी रण में अमरोहा जिले के नौगावां सादात विधानसभा सीट पर भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर चेतन का मुकाबला सपा के प्रत्याशी से माना जा रहा है।

तिलहर से जितिन प्रसाद

तिलहर विधानसभा सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार जितिन प्रसाद पर पार्टी ने दांव खेला है। जितिन 2 बार सांसद रह चुके हैं इसलिए उनकी जीत के आसार ज्यादा लगाए जा रहे हैं। जितिन य़ंग ब्रिगेड टीम के खास चेहरों में शुमार हैं।

स्वार-टांडा से अब्दुल्ला आजम

रामपुर में आजम खान अपना वर्चस्व दिखा रहे हैं तो दूसरी तरफ स्वार-टांडा विधानसभा सीट से उनके बेटे को टिकट दिया गया है। अब्दुल्ला को पार्टी के युवाओं नेताओं के चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। अब्दुल्ला आजम पहली बार चुनावी मैदान में है। अब्दुल्ला को आजम खान के बेटे होने का फायदा मिल सकता है।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके अब्दुल्ला अब राजनीति की नई पारी खेलना चाहते हैं। स्वार-टांडा विधानसभा सीट पर एक तरफ सपा के उम्मीदवार अब्दुल्ला आजम हैं तो दूसरी तरफ बसपा के विधायक नवेद मियांल पर पार्टी ने दोबारा से दांव खेला है।

नकुड़ से इमरान मसूद

लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अमर्यादित बयान देखकर राजनीति में सक्रिय होने वाले चेहरा बने इमरान मसूद पर इस बार नुकड़ विधानसभा सीट से भाग्य आजमा रहे हैं।

टिप्पणी कर चर्चाओं में आए कांग्रेस नेता इमरान मसूद नकुड़ सीट पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं। साल 2012 में कांग्रेस से ही मैदान में आए इमरान मसूद को बसपा के डॉ. धर्म सिंह सैनी ने पटखनी दी थी। तीन बार से बसपा से विधायक रहे डॉ. धर्म सिंह सैनी ने इस बार भाजपा का दामन थाम कर चुनावी रण में उतर चुके हैं।